अमेरिकी तेल कंपनियों ने छह महीने में कमाए 130 अरब डॉलर, पिछले साल से 2.8 गुना ज्यादा
ईरान संघर्ष के बीच अमेरिकी तेल कंपनियों का मुनाफा 130 अरब डॉलर पहुंचा, जबकि आम जनता पर ईंधन का बोझ बढ़ा।

वॉशिंगटन: ईरान के साथ जारी संघर्ष और आगामी मध्यावधि चुनावों के बीच अमेरिका की बड़ी तेल और गैस कंपनियों ने भारी मुनाफा कमाया है। अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच 50 से अधिक प्रमुख कंपनियों का कुल लाभ 130 अरब डॉलर से अधिक दर्ज किया गया है।
यह कमाई पिछले साल की इसी अवधि में हुए 47 अरब डॉलर के सामूहिक लाभ के मुकाबले करीब 2.8 गुना ज्यादा है। ExxonMobil, Chevron और Valero Energy जैसी दिग्गज कंपनियां इस अतिरिक्त पूंजी का इस्तेमाल उत्पादन बढ़ाने के बजाय शेयरधारकों को लाभांश देने और स्टॉक बायबैक के लिए कर रही हैं।
एक तरफ जहां कंपनियों की कमाई बढ़ी है, वहीं अमेरिकी उपभोक्ताओं पर आर्थिक दबाव बढ़ा है। 28 फरवरी 2026 को शुरू हुए संघर्ष के बाद से अनुमान है कि परिवारों ने गैसोलीन और डीजल के लिए 147 अरब से 150 अरब डॉलर अतिरिक्त खर्च किए हैं। इसका मतलब है कि प्रति परिवार ईंधन पर औसतन 1,100 डॉलर से ज्यादा का अतिरिक्त बोझ पड़ा है।
अमेरिकी सीनेटर क्रिस वैन होलेन ने इस स्थिति की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि यह उद्योग कामकाजी लोगों के आर्थिक दर्द से मुनाफा कमा रहा है।
संघर्ष को सुलझाने के लिए कतर और पाकिस्तान बंद कमरे में गहन राजनयिक बातचीत का नेतृत्व कर रहे हैं। ईरानी अधिकारियों ने शर्त रखी है कि समाधान के लिए प्रतिबंध हटाना, नौसैनिक नाकाबंदी खत्म करना और जमी हुई संपत्तियों को वापस करना जरूरी है। वहीं, ईरान के सर्वोच्च नेता मुजतबा खामेनेई ने चेतावनी दी है कि किसी भी नए हमले का जवाब तुरंत और बिना किसी भौगोलिक सीमा के दिया जाएगा।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपनी गिरती रेटिंग और महंगाई के राजनीतिक दबाव का सामना कर रहे हैं। उन्होंने इस स्थिति को अनोखा बताया है। ट्रंप ने संकेत दिया है कि चुनाव के तुरंत बाद संघर्ष खत्म हो सकता है, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि अगर बातचीत विफल रही तो सैन्य हमलों को तेज किया जा सकता है।
3 नवंबर 2026 को होने वाले मध्यावधि चुनावों के बाद की स्थिति पर नजर है। आशंका जताई जा रही है कि यदि राजनयिक स्तर पर कोई सफलता नहीं मिली, तो 4 नवंबर 2026 से सैन्य कार्रवाई फिर से शुरू हो सकती है।