सुरक्षा कारणों से अमेरिका ने सऊदी अरब में तैनात अपने गैर-जरूरी सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवारों को देश छोड़ने का आदेश दिया

रियाद: अमेरिका के विदेश विभाग ने सऊदी अरब में तैनात अपने गैर-जरूरी सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवार के सदस्यों के लिए देश छोड़ने का आदेश जारी किया है। 21 अक्टूबर 2026 को जारी इस अनिवार्य सुरक्षा निर्देश के बाद प्रभावित कर्मियों को अपनी पोस्ट छोड़नी होगी। हालांकि, दूतावास के जरूरी कामकाज पहले की तरह जारी रहेंगे।
अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगोट ने इस आदेश की पुष्टि की है। उन्होंने साफ किया कि यह आदेश केवल सऊदी अरब के लिए है और अन्य खाड़ी देशों से कर्मचारियों को हटाने की खबरें गलत हैं।
पिगोट ने बताया कि ईरान समर्थित हूती आंदोलन ने सऊदी अरब के खिलाफ अपनी दुश्मनी बढ़ा दी है। हूतियों ने नागरिक हवाई अड्डों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर हमले किए हैं, जिससे आम लोगों की जान गई है और यात्रा में बड़ी बाधाएं आई हैं।
हालिया हिंसक घटनाओं में रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुआ हमला शामिल है, जिसमें 12 लोगों की मौत हुई और 300 से ज्यादा लोग घायल हुए। इसके अलावा दम्माम के किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक घातक घटना हुई और शयबाह तेल क्षेत्र में ड्रोन हमलों में भी मौतें दर्ज की गईं।
मिसाइल और यूएवी हमलों के लगातार खतरे को देखते हुए अब सऊदी अरब में अमेरिकी सरकारी कर्मचारियों के लिए देश के किसी भी हवाई अड्डे का उपयोग करने के लिए मिशन चीफ से विशेष अनुमति लेना जरूरी कर दिया गया है।
साल 2026 में यह दूसरी बार है जब वाशिंगटन ने गैर-जरूरी कर्मचारियों को वापस बुलाने का आदेश दिया है। इससे पहले अगस्त के अंत में क्षेत्रीय कर्मियों के लिए यात्रा प्रतिबंधों में ढील दी गई थी। रियाद में अमेरिकी दूतावास ने हूतियों की भविष्य की संभावित आक्रामकता को लेकर सुरक्षा अलर्ट भी जारी किया है।