एक्सपो 2030 रियाद: अमेरिका ने की भागीदारी की आधिकारिक घोषणा, बनेगा भव्य पवेलियन
अमेरिका ने एक्सपो 2030 रियाद के लिए आधिकारिक समझौते पर हस्ताक्षर किए। 65 मिलियन डॉलर तक के खर्च से बनेगा अमेरिकी पवेलियन।

अटलांटा (जॉर्जिया): अमेरिका ने आधिकारिक तौर पर एक्सपो 2030 रियाद में हिस्सा लेने की प्रतिबद्धता जताई है। इसके लिए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और सऊदी विदेश मंत्री फैसल बिन फरहान ने भागीदारी अनुबंध पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता अटलांटा में आयोजित जी20 विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान हुआ।
अमेरिकी विदेश विभाग के मुताबिक, इस आयोजन में अमेरिकी पवेलियन का मुख्य उद्देश्य विदेश नीति के लक्ष्यों को आगे बढ़ाना, व्यापारिक अवसरों को बढ़ावा देना और सांस्कृतिक कूटनीति को मजबूत करना है। सचिव मार्को रुबियो ने इस हस्ताक्षर प्रक्रिया को रियाद में दुनिया का नेतृत्व करने वाली अमेरिकी उपस्थिति स्थापित करने की दिशा में एक जरूरी कदम बताया।
एक्सपो मास्टरप्लान के टेक्नोलॉजी डिस्ट्रिक्ट में स्थित यह पवेलियन 5,368 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैला होगा। इसे इस तरह डिजाइन किया गया है कि यहां रोजाना कम से कम 23,000 पर्यटक आ सकें। पूरे एक्सपो के दौरान इस पवेलियन में 41 लाख से ज्यादा आगंतुकों के आने की उम्मीद है।
अमेरिकी सरकार ने पवेलियन के डिजाइन और निर्माण के लिए मार्केट रिसर्च शुरू कर दी है। इस पूरे प्रोजेक्ट की लागत 55 मिलियन डॉलर से 65 मिलियन डॉलर के बीच होने का अनुमान है। इस बजट में निर्माण, रखरखाव और आयोजन के बाद साइट को हटाने का खर्च शामिल है।
"भविष्य की दूरदर्शिता" (Foresight for Tomorrow) थीम पर आधारित यह आयोजन 1 अक्टूबर 2030 को शुरू होगा और मार्च 2031 के मध्य तक चलेगा। छह वर्ग किलोमीटर में फैले इस स्मार्ट सिटी वातावरण में करीब 200 देशों के शामिल होने और 4.2 करोड़ से अधिक लोगों के आने की संभावना है।