ईरान पर हमले के लिए पेंटागन ने तैयार किया 3 दिन का प्लान, ट्रंप ने फिलहाल लगाई रोक

मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका के रक्षा विभाग (पेंटागन) ने ईरान के खिलाफ एक बेहद आक्रामक सैन्य रणनीति तैयार की है। इस योजना के तहत महज तीन दिनों के भीतर ईरान के मिसाइल और ड्रोन ठिकानों, ऊर्जा बुनियादी ढांचे और सैन्य कमांड सेंटरों को पूरी तरह निशाना बनाने की तैयारी है। हालांकि, इस सैन्य तैयारी के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा बयान देते हुए कहा है कि 3 नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनावों (midterm elections) से पहले ईरान पर कोई हमला नहीं किया जाएगा।
अमेरिकी प्रशासन इस समय एक अजीब कशमकश में नजर आ रहा है, जहां एक तरफ कूटनीति की बातें हो रही हैं और दूसरी तरफ युद्ध की तैयारी। ट्रंप ने संकेत दिया है कि फिलहाल "उत्पादक चर्चाएं" जारी हैं, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से तैयारी पूरी रखी गई है। अमेरिकी सेना अक्टूबर के अंत तक तीन विमानवाहक जहाजों को मध्य पूर्व में तैनात करने जा रही है, जो इस क्षेत्र में अमेरिका की सैन्य ताकत को काफी बढ़ा देगा।
इजरायल के साथ साझा की गई रणनीति
इस सैन्य हलचल की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि 6 अक्टूबर को अमेरिकी अधिकारियों ने इजरायली सेना के चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल एयाल ज़मीर को ब्रीफ किया। उन्हें बताया गया कि अगले तीन हफ्तों के भीतर ईरान के खिलाफ बड़े सैन्य अभियान फिर से शुरू किए जा सकते हैं। इससे पहले 2 अक्टूबर को कैंप डेविड में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की अगुवाई में इन प्रस्तावों की समीक्षा की गई थी।
दिलचस्प बात यह है कि राष्ट्रपति ट्रंप ने पिछले कुछ महीनों में ईरान या उसके समर्थित हूती विद्रोहियों के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के पांच प्रस्तावों को खारिज कर दिया है, लेकिन वे लगातार नए विकल्पों को विकसित करने के आदेश दे रहे हैं। रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने कड़े शब्दों में कहा है कि ईरान को अब यह चुनना होगा कि वह परमाणु क्षमताओं के मामले में "आसान रास्ता" अपनाएगा या "कठिन रास्ता"।
दूसरी ओर, ईरान की प्रतिक्रिया भी तीखी रही है। ईरानी अधिकारियों का दावा है कि उनकी नौसेना ने फारस की खाड़ी से एक हमलावर बेड़े को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया। हालांकि, कूटनीतिक स्तर पर ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन और विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने बातचीत की उम्मीद जताई है। ईरान वर्तमान में अमेरिका द्वारा दिए गए एक "सात दिवसीय प्लान" के जवाब की समीक्षा कर रहा है, जिस पर कुछ ही दिनों में औपचारिक प्रतिक्रिया आने की उम्मीद है।