हूती विद्रोहियों के बढ़ते खतरों के बीच अमेरिकी विदेश विभाग ने गैर-आपातकालीन कर्मियों और उनके परिवारों की सऊदी अरब से वापसी का आदेश दिया
हूती विद्रोहियों के बढ़ते खतरों के बीच अमेरिकी विदेश विभाग ने गैर-आपातकालीन कर्मियों और उनके परिवारों की सऊदी अरब से वापसी का आदेश दिया है।

रियाद: अमेरिकी विदेश विभाग ने ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के बढ़ते हमलोंों के कारण सऊदी अरब से अपने गैर-आपातकालीन सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवार के सदस्यों की वापसी का आदेश दिया है।
विदेश विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगोट ने इस निर्देश के बारे में पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि हूती विद्रोहियों द्वारा नागरिक हवाई अड्डों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर किए गए हमलों से नागरिक हताहतों की संख्या बढ़ी है और यात्रा में बड़ी बाधाएं आई हैं।
अमेरिकी अधिकारियों ने चिंता जताई है कि ये शत्रुतापूर्ण गतिविधियां तेजी से बढ़ सकती हैं और सऊदी अरब के बाहर अन्य देशों को भी निशाना बना सकती हैं।
यह फैसला हाल ही में हुए हिंसक हमलों की एक श्रृंखला के बाद आया है। 10 अक्टूबर को रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए हमले में 12 लोगों की मौत हो गई और 300 से अधिक लोग घायल हुए।
इसके बाद 21 अक्टूबर 2026 को दम्माम के किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक अलग हमला हुआ, जिसमें दो लोगों की जान गई और आठ लोग घायल हुए। हूतियों ने सऊदी रक्षा मंत्रालय, किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट और यनबू में एक अरामको सुविधा पर हमलों की जिम्मेदारी भी ली है।
सुरक्षा स्थिति को देखते हुए अमेरिकी सरकार ने यह अनिवार्य कर दिया है कि सऊदी अरब में तैनात कर्मचारी किसी भी हवाई अड्डे का उपयोग करने से पहले मिशन प्रमुख से विशेष अनुमति प्राप्त करें।
पश्चिम एशिया के राजनयिक मिशनों ने अमेरिकी नागरिकों के लिए सुरक्षा अलर्ट जारी किए हैं। इसमें उन्हें अत्यधिक सतर्क रहने और उड़ानों के रद्द होने, हवाई क्षेत्र के बंद होने और तनावपूर्ण यात्रा जोखिमों के प्रति सचेत रहने की चेतावनी दी गई है।
विदेश विभाग के प्रेस के उप सहायक सचिव एडगर वास्केज़ ने कहा कि ये सलाह निर्देश क्षेत्रीय खतरों के बारे में अमेरिकियों को सूचित करने की लिए एक सक्रिय रणनीति का हिस्सा हैं।
अमेरिका इस स्थिति पर नजर रख रहा है और वह ईरान को हूती बलों को हथियार, फंडिंग और प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए जिम्मेदार ठहराता है।