अमेरिकी विदेश विभाग ने साफ किया कि कर्मियों की वापसी का आदेश केवल सऊदी अरब के लिए है

रियाद: अमेरिकी विदेश विभाग ने स्पष्ट किया है कि गैर-आपातकालीन सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए जारी 'ऑर्डर्ड डिपार्चर' यानी अनिवार्य वापसी का आदेश केवल सऊदी अरब में तैनात राजनयिकों के लिए है। विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगोट ने बुधवार को यह जानकारी देते हुए उन मीडिया रिपोर्ट्स को गलत बताया जिनमें कहा गया था कि पूरे खाड़ी क्षेत्र से अमेरिकी दूतावास के कर्मियों को निकालने की योजना है।
सुरक्षा के कड़े निर्देशों के तहत तय किए गए कर्मचारियों और उनके आश्रितों को मौजूदा सुरक्षा स्थिति के कारण तुरंत अपने पदों को छोड़ने के लिए कहा गया है। इसी बीच अमेरिकी विदेश विभाग और रियाद स्थित अमेरिकी दूतावास ने नागरिकों के लिए अलर्ट जारी किया है। इसमें ड्रोन और मिसाइल हमलों की आशंका के साथ-साथ नागरिक हवाई अड्डों पर यात्रा में होने वाली बाधाओं के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
यह फैसला ईरान समर्थित हूती बलों द्वारा बढ़ाई गई शत्रुता के बीच लिया गया है। हूती बलों ने हाल ही में महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे और नागरिक हवाई अड्डों पर हमले किए हैं जिनमें लोग मारे गए हैं। शायबाह तेल क्षेत्र पर हुए एक हमले में दो विदेशी कर्मचारी मारे गए, जबकि दम्माम के किंग फहद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई और आठ अन्य घायल हुए।
सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत अब सऊदी अरब में मौजूद अमेरिकी सरकारी कर्मचारियों को देश के किसी भी हवाई अड्डे का उपयोग करने के लिए मिशन प्रमुख से विशेष अनुमति लेनी होगी। अमेरिका ने इस देश के लिए लेवल 3 'यात्रा पर पुनर्विचार करें' की चेतावनी जारी कर रखी है, जबकि आतंकवाद और सशस्त्र संघर्ष के जोखिम के कारण कुछ खास इलाकों को लेवल 4 'यात्रा न करें' की श्रेणी में रखा गया है।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को इस स्थिति पर बात करते हुए कहा कि उन्हें मध्य पूर्व के अन्य दूतावास कर्मियों को निकालने की किसी व्यापक योजना की जानकारी नहीं है। खाड़ी क्षेत्र के अन्य राजनयिक मिशनों ने कर्मचारियों की संख्या को नियंत्रित करने के लिए 'प्रतिबंधित संचालन' का तरीका अपनाया है, लेकिन उन पर सऊदी अरब की तरह अनिवार्य वापसी का आदेश लागू नहीं है।