वेस्ट बैंक में अमेरिकी फोटो जर्नलिस्ट पर हमला होने से राष्ट्रपति ट्रंप परेशान, इजरायली राष्ट्रपति ने भी घटना की निंदा की

Gautam Sahu18 October 20262 min read0 viewsWorld
वेस्ट बैंक में अमेरिकी फोटो जर्नलिस्ट पर हमला होने से राष्ट्रपति ट्रंप परेशान, इजरायली राष्ट्रपति ने भी घटना की निंदा की

यरूशलेम (इजरायल): वेस्ट बैंक में वाशिंगटन पोस्ट की अमेरिकी फोटो जर्नलिस्ट हाइडी लेविन पर हुए हमले के बाद दुनिया भर में नाराजगी है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस हमले की तस्वीरों को देखकर काफी परेशान हैं। रुबियो ने कहा कि राष्ट्रपति ने बार-बार यह साफ किया है कि वह वेस्ट बैंक में किसी भी तरह का तनाव या संकट नहीं देखना चाहते हैं।

इजरायल में अमेरिकी राजदूत माइक हकाबी ने हमलावरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने इस हमले को कायरतापूर्ण और घृणित बताया। हकाबी के मुताबिक, हाइडी लेविन एक अमेरिकी नागरिक हैं और उनके पास पत्रकार का स्पष्ट पहचान पत्र था। उन्होंने मांग की है कि निहत्थी रिपोर्टर पर हमला करने वालों को सालों जेल में रहना चाहिए और इस मामले की पूरी जांच कर दोषियों को गिरफ्तार किया जाए।

इजरायली राष्ट्रपति इसहाक हर्टजोग ने भी इस हिंसा की कड़ी निंदा की है। उन्होंने हाइडी लेविन को फोन कर अपना दुख जताया और उनसे माफी मांगी। हर्टजोग ने कहा कि हमलावरों का यह व्यवहार इजरायल के नागरिकों या देश के मूल्यों का प्रतिनिधित्व नहीं करता है। उन्होंने सुरक्षा एजेंसियों को निर्देश दिए हैं कि कानून तोड़ने वालों को पकड़कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

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घटना शुक्रवार को वेस्ट बैंक के बिन्यामिन क्षेत्र में जैतून की कटाई के दौरान हुई। हाइडी लेविन ने बताया कि नकाबपोश बसनेटों के एक गिरोह ने उन पर हमला किया। उन्होंने बताया कि हमलावरों ने उन्हें जमीन पर गिरा दिया और करीब 10 मिनट तक लात मारी। उन्होंने हमलावरों को अपनी पहचान अमेरिकी पत्रकार के रूप में बताई थी, लेकिन फिर भी उन पर हमला हुआ। इस दौरान उनका बैग, कैमरा और फोन भी चोरी हो गया।

हाइडी लेविन को शनिवार को बीलीन्सन अस्पताल में सर्जरी करानी पड़ी। जेरूसलम पोस्ट के अनुसार, उनके हाथ और पीठ पर टांके लगे हैं और शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आई हैं, हालांकि उनकी हालत अब मध्यम बताई जा रही है। लेविन ने कहा कि उन्होंने मौके पर इजरायली सेना को नहीं देखा, लेकिन वहां आंसू गैस और स्टन ग्रेनेड छोड़े गए थे, जिससे संकेत मिलता है कि सैनिक वहां मौजूद थे।

कमिटी फॉर प्रोटेक्शन ऑफ जर्नलिस्ट्स (CPJ) की क्षेत्रीय निदेशक सारा कुदा ने कहा कि यह कोई अकेली घटना नहीं है। उन्होंने बताया कि वेस्ट बैंक में जैतून की कटाई कवर करने वाले पत्रकारों के खिलाफ हिंसा और उत्पीड़न का एक पैटर्न दिख रहा है। CPJ के मुताबिक, अकेले 2026 में अब तक कम से कम 16 ऐसी घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें 35 स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय पत्रकारों के साथ मारपीट, उत्पीड़न और डराने-धमकाने के मामले शामिल हैं।

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