नेपाल में भयानक बाढ़ का तांडव, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दिया हर संभव मदद का बड़ा भरोसा।

Nura Basta27 August 20262 min read60 viewsWorld
नेपाल में भयानक बाढ़ का तांडव, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दिया हर संभव मदद का बड़ा भरोसा।

अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने गुरुवार को बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि अमेरिका नेपाल में आए खतरनाक बाढ़ और लैंडस्लाइड से निपटने के लिए हर संभव मदद देने को पूरी तरह तैयार है। उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए इस प्राकृतिक आपदा को बहुत भयानक बताया और कहा कि उन्होंने नेपाल के नेताओं से बात करके हरसंभव सहायता का भरोसा दिया है। नेपाल में इस आपदा ने भारी तबाही मचाई है जिससे आम लोगों का जीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।

नेपाल में तबाही और जान-माल का नुकसान

नेपाल टूरिज्म बोर्ड और स्थानीय प्रशासन से मिली जानकारी के मुताबिक यह आपदा मुख्य रूप से Rasuwa जिले और चीन तथा तिब्बत की सीमा से लगे इलाकों में आई है। इस भयंकर आपदा में अब तक कम से कम 389 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। इसके अलावा 667 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं जिनमें 65 अमेरिकी नागरिक भी शामिल हैं। नेपाल पुलिस ने सात प्रभावित जिलों से अब तक 162 शव बरामद किए हैं। लापता लोगों में से कई ऐसे यात्री हैं जो तिब्बत में माउंट कैलाश की यात्रा पर गए हुए थे।

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अमेरिका और अन्य देशों की मदद

इस संकट की घड़ी में अमेरिकी विदेश विभाग ने 500,000 डॉलर की इमरजेंसी सहायता देने की घोषणा की है। इस राशि को कैथोलिक रिलीफ सर्विसेज के जरिए बांटा जाएगा ताकि पीड़ित लोगों को तुरंत रहने के लिए आश्रय, साफ-सफाई और जरूरी सामान मिल सके। काठमांडू स्थित अमेरिकी दूतावास वहां के स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर अमेरिकी नागरिकों की मदद कर रहा है और क्षेत्र में एक आपदा प्रतिक्रिया सलाहकार भी भेजा जा रहा है। इस बाढ़ के कारण नेपाल में सड़कों और पुलों का भारी नुकसान हुआ है जिससे आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है। इस बारे में अधिक जानकारी ANI News पर उपलब्ध है।

इस आपदा में कुल 13 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट, 19 पुल और लगभग 25 मील लंबी सड़कें पूरी तरह तबाह हो चुकी हैं। इसके अलावा करीब 200 ट्रक भी बाढ़ की चपेट में आकर नष्ट हो गए हैं। नेपाल को इस मुश्किल समय से बाहर निकालने के लिए भारत, चीन, यूरोपीय संघ, विश्व स्वास्थ्य संगठन और रेड क्रॉस जैसी अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं भी राहत कार्यों में जुटी हुई हैं और लगातार मदद पहुंचा रही हैं।

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