अमेरिका ने दी ईरान को कड़ी चेतावनी, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प बोले- कभी भी कर सकते हैं बड़ा सैन्य हमला।

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने 2 सितंबर 2026 को यह ऐलान किया कि अमेरिका ईरान के खिलाफ कभी भी और किसी भी समय नए सैन्य हमले करने के लिए पूरी तरह तैयार है। पिछले दिन हुई एक बड़ी सैन्य कार्रवाई का जिक्र करते हुए उन्होंने मीडिया से बात की और बताया कि कल रात बहुत भारी हमला किया गया था और जरूरत पड़ने पर वे इसे दोबारा दोहरा सकते हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि अमेरिकी सेना ने ईरान के केवल रडार सिस्टम को ही नहीं बल्कि उससे कहीं ज्यादा सैन्य ठिकानों को पूरी तरह तबाह कर दिया है।
ईरान को दी गई गंभीर चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान को साफ शब्दों में चेतावनी दी कि यदि उन्होंने इस कार्रवाई का बदला लेने की कोशिश की तो उन्हें बहुत भारी कीमत चुकानी होगी और इस बार उन पर पहले से कहीं ज्यादा खतरनाक हमला किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर ईरान ने अपनी हरकतें नहीं रोईं तो उनके सामने अस्तित्व का बड़ा संकट खड़ा हो जाएगा। अमेरिकी प्रशासन का मानना है कि यह हमला पूरी तरह से न्यायसंगत था और इसके जवाब में किसी भी तरह की प्रतिक्रिया का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।
CENTCOM की आधिकारिक पुष्टि
अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM ने इस बात की आधिकारिक पुष्टि की है कि अमेरिकी बलों ने ईरान के अंदर कई ठिकानों को सफलतापूर्वक निशाना बनाया है। इन ठिकानों में एयर डिफेंस साइट्स, रडार सिस्टम, समुद्री हथियार, बारूदी सुरंग बिछाने के उपकरण और कम्यूनिकेशन इन्फ्रास्ट्रक्चर शामिल थे। अमेरिकी सेना की यह कार्रवाई तब शुरू की गई जब ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री बारूदी सुरंगें बिछाने की कोशिश की और लगातार अमेरिकी जहाजों तथा सैनिकों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए। रिपोर्ट के मुताबिक जॉर्डन, बहरीन, कुवैत और इराक में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश की गई थी, जिसमें जॉर्डन ने 10 बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही रोक लिया और बहरीन ने भी ईरानी ड्रोन्स को नष्ट कर दिया।
व्हाइट हाउस का बयान और आर्थिक प्रतिबंध
व्हाइट हाउस की प्रवक्ता Olivia Wales ने जानकारी दी कि राष्ट्रपति ट्रम्प ने कड़े आर्थिक प्रतिबंधों और इतिहास की सबसे ताकतवर नौसेना नाकेबंदी के जरिए ईरान की सैन्य ताकत और अर्थव्यवस्था को बुरी तरह से कमजोर कर दिया है। उन्होंने दोहराया कि अमेरिका किसी भी कीमत पर ईरान को परमाणु हथियार नहीं बनाने देगा। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei द्वारा यह आरोप लगाया गया था कि अमेरिकी सेना ने एक शादी समारोह पर बमबारी करके बहुत बड़ा जुर्म किया है, लेकिन CENTCOM के प्रवक्ता Capt. Tim Hawkins ने इन सभी रिपोर्टों को सिरे से खारिज कर दिया और स्पष्ट किया कि अमेरिकी सेना कभी भी नागरिकों को निशाना नहीं बनाती है।
क्षेत्रीय सुरक्षा और आगामी चुनाव
राष्ट्रपति ट्रम्प ने बातचीत के दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य का नाम बदलकर 'TRUMP STRAIT' रखने का सुझाव दिया और इस रास्ते पर पूरा नियंत्रण होने का दावा भी किया। हालांकि अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि उनके सलाहकार नवंबर के चुनावों तक किसी भी बड़े सैन्य फैलाव से बचने की सलाह दे रहे हैं ताकि स्थिति को नियंत्रित रखा जा सके। फॉक्स न्यूज से बात करते हुए एक अमेरिकी अधिकारी ने यह भी कंफर्म किया कि हाल ही में हुए ईरानी हमलों से खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी बेस को कोई बड़ा नुकसान नहीं पहुंचा है। खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और भारत आने-जाने वाले लोगों के लिए इस तनाव पर लगातार नजर रखी जा रही है ताकि सुरक्षा की स्थिति स्पष्ट बनी रहे।