Saudi पर बड़ा हमला, हूती विद्रोहियों ने दागे मिसाइल और ड्रोन, अमेरिका ने दिया सऊदी अरब का साथ.

Praggya Singh sabal9 September 20263 min read25 viewsSaudi
Saudi पर बड़ा हमला, हूती विद्रोहियों ने दागे मिसाइल और ड्रोन, अमेरिका ने दिया सऊदी अरब का साथ.

अमेरिका ने आधिकारिक रूप से यमन की सरकार का समर्थन किया है और सऊदी अरब के आत्मरक्षा के अधिकार को पूरी तरह सही बताया है। 8 और 9 सितंबर 2026 को यमन में स्थित अमेरिकी दूतावास ने एक बयान जारी कर यह साफ किया कि यमन में रिपब्लिक ऑफ यमन ही एकमात्र वैध सरकार है। अमेरिका का मानना है कि ईरान के समर्थन से हूती विद्रोही लगातार क्षेत्र में हिंसा फैला रहे हैं और मौजूदा संघर्ष की शुरुआत उन्होंने ही की थी। अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि हूती विद्रोहियों ने यमन की सरकार, वहां की सेना और आम जनता के हौसला को कम आंकने की बड़ी भूल की है। इस बीच खाड़ी देशों में रहने वाले और भारत से आने-जाने वाले प्रवासियों के बीच भी सुरक्षा को लेकर चिंता का माहौल देखा जा रहा है, क्योंकि इस तरह के हमलों से क्षेत्रीय शांति पर असर पड़ता है।

सऊदी अरब पर मिसाइल और ड्रोन से हमला

8 सितंबर 2026 को ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के कई शहरों को निशाना बनाते हुए ताबड़तोड़ मिसाइल और ड्रोन हमले किए। इन हमलों में सऊदी अरब के अभहा (Abha), खमीस मुशईत (Khamis Mushait), जिजान (Jizan) और नजरान (Najran) जैसे प्रमुख शहरों के नागरिक और आर्थिक ठिकानों को नुकसान पहुंचाया गया। इन हमलों की चपेट में आने से महिलाओं और बच्चों समेत कुल 73 लोग घायल हो गए। इसके साथ ही कई ऊर्जा सुविधाओं के काम में भी रुकावट आई। सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अपनी संप्रभुता और देश के नागरिकों की रक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाने की बात कही है। सऊदी रक्षा मंत्रालय और गठबंधन सेना ने इन हमलों का मुंहतोड़ जवाब देने का संकल्प लिया है।

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सऊदी अरब और अमेरिका की मजबूत सैन्य साझेदारी

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो (Marco Rubio) ने वाशिंगटन और रियाद के बीच मजबूत रक्षात्मक सैन्य साझेदारी पर जोर दिया है। जब यमन की सेनाएं हूती विद्रोहियों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई कर रही हैं, तब अमेरिका ने भी सऊदी अरब की सीमा, नागरिकों और वहां रहने वाले लोगों की रक्षा के अधिकार का समर्थन किया है। सऊदी समर्थित ताकतों ने 9 सितंबर 2026 तक यमन के कई प्रांतों जैसे ताइज (Taiz), होदेइदाह (Hodeida), जउफ (Jawf) और मारिब (Marib) में दर्जनों हवाई حملे किए। इसके साथ ही यमन की सरकारी सेना ने भी मारिब में अपने सैन्य अभियानों को और ज्यादा बढ़ा दिया है, जो पहले से ताइज, अल-जउफ और अल-बैदा में चल रहे अभियानों का ही हिस्सा हैं।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हमलों की कड़ी निंदा

दुनियाभर के देशों ने हूती विद्रोहियों के इन हमलों की कड़ी निंदा की है। यूरोपीय संघ (European Union) ने इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून का एक खतरनाक उल्लंघन बताया है। इससे पहले 7 अगस्त को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UN Security Council) ने भी सऊदी अरब की धरती और कमर्शियल जहाजों पर हो रहे हूती मिसाइल हमलों के खिलाफ सख्त चेतावनी जारी की थी। संयुक्त राष्ट्र ने कहा था कि इस तरह की हरकतें क्षेत्रीय सुरक्षा और समुद्री यातायात के लिए बहुत बड़ा खतरा पैदा कर रही हैं। इन तमाम घटनाओं के बीच खाड़ी देशों में काम करने वाले प्रवासी और उनके परिवार लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके।

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