Strait of Hormuz में समुद्री बारूदी सुरंगों के ईरानी दावों को अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बताया गलत
US Central Command ने Strait of Hormuz में समुद्री बारूदी सुरंगों के ईरानी दावों को खारिज किया है। जानें क्या है पूरा विवाद।

वॉशिंगटन: अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान के उन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है जिनमें कहा गया था कि Strait of Hormuz में व्यापारिक जहाज समुद्री बारूदी सुरंगों (sea mines) की चपेट में आ रहे हैं। अमेरिकी सेना ने इन दावों को झूठा बताते हुए कहा कि इस जलमार्ग के सभी मुख्य अंतरराष्ट्रीय रास्ते सुरक्षित हैं और वहां से बारूदी सुरंगें हटा दी गई हैं।
CENTCOM के अधिकारियों ने बताया कि हजारों व्यापारिक जहाज इन समुद्री रास्तों का सुरक्षित रूप से इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे पहले 25 अक्टूबर 2026 को अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रमुख एडमिरल ब्रैड कूपर ने पुष्टि की थी कि यह जलमार्ग ईरानी बारूदी सुरंगों से मुक्त है।
एडमिरल कूपर के मुताबिक, पिछले छह महीनों में अमेरिकी सहयोग से 3,000 से ज्यादा व्यापारिक जहाजों ने सफलतापूर्वक इस जलमार्ग को पार किया है।
दूसरी ओर, ईरानी राज्य मीडिया ने 28 अक्टूबर 2026 को ईरानी नौसेना के हवाले से खबर दी कि Strait of Hormuz के पूर्व में एक तेल टैंकर बारूदी सुरंगों की चपेट में आने से उसमें आग लग गई। ईरान का आरोप है कि उस जहाज ने अपना ट्रैकिंग सिस्टम बंद कर रखा था और वह एक असुरक्षित और प्रतिबंधित क्षेत्र में चल रहा था।
ईरानी अधिकारियों का कहना है कि Strait of Hormuz अभी बंद है और उनकी सेना के साथ तालमेल के बिना यहां जहाजों का चलना असुरक्षित है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने 26 अक्टूबर 2026 को औपचारिक रूप से इस जलमार्ग को बंद घोषित कर दिया था।
ईरानी मीडिया ने यह भी संकेत दिया है कि अगर अमेरिका अपनी नौसैनिक नाकाबंदी हटाता है और तेहरान की मांगों को मानता है, तो यह जलमार्ग चार से पांच दिनों में फिर से खुल सकता है।
इसी बीच, इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गनाइजेशन (IMO) ने 27 अक्टूबर 2026 को एक बयान जारी किया। IMO ने दावा किया कि हॉर्मुज ट्रैफिक रूट में बारूदी सुरंगें मौजूद हैं और फिलहाल वहां सुरक्षित आवाजाही की गारंटी नहीं दी जा सकती।