अमेरिका ने ठुकराया ईरान का सीजफायर प्रस्ताव, राष्ट्रपति पेजेशकियन बोले- आखिरी सांस तक नहीं झुकेंगे.

पश्चिम एशिया में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है और अमेरिका के साथ चल रहे गतिरोध के बीच ईरान ने साफ कर दिया है कि वह किसी भी दबाव के आगे पीछे नहीं हटेगा। संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) की बैठक से अपने देश लौटने पर तेहरान हवाई अड्डे पर लोगों से बात करते हुए ईरानी राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि उनका देश अमेरिका और इसराइल के सामने कभी नहीं झुकेगा और अपनी आखिरी सांस तक जनता की सेवा करता रहेगा। राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि पिछली वार्ताओं और समझौतों के टूटने के बाद अब उन्हें अमेरिकी पक्ष पर बिल्कुल भी भरोसा नहीं रह गया है।
कतर और पाकिस्तान के जरिए भेजी गई थी शांति की योजना
इससे पहले अमेरिका की यात्रा के दौरान ईरानी राष्ट्रपति और विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने एक 7-दिन का रोडमैप पेश किया था। इस प्रस्ताव का मुख्य उद्देश्य लड़ाई को रोकना और सामरिक रूप से बेहद अहम होरमुज जलडमरूमध्य यानी Strait of Hormuz को दोबारा खोलना था। इस योजना के तहत वाशिंगटन को ईरानी बंदरगाहों पर अपनी नौसैनिक नाकाबंदी हटानी थी, तेल बिक्री से प्रतिबंध हटाने थे, करीब 12 अरब डॉलर की जमी हुई ईरानी संपत्ति को रिहा करना था और लेबनान तथा यमन सहित पूरे क्षेत्र में संघर्षविराम लागू करना था। इसके बदले में ईरान होरमुज जलडमरूमध्य को खोल देता और सातवें दिन से परमाणु कार्यक्रम को लेकर बातचीत शुरू होती। कतर और पाकिस्तान इस पूरे मामले में संदेशवाहक की भूमिका निभा रहे थे।
अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खारिज किया प्रस्ताव
ईरान की तरफ से रखे गए इस शांति प्रस्ताव और सीजफायर की मांग को अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने सिरे से खारिज कर दिया। शनिवार को पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह इस समझौते को स्वीकार नहीं करते हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी दावा किया कि ईरान इस समझौते के जरिए तुरंत होरमुज जलडमरूमध्य को खुलवाना चाहता है क्योंकि वे बुरी तरह से असफल हो रहे हैं। अमेरिका के इस रुख के बाद दोनों देशों के बीच तनाव और अधिक गहरा गया है, जिसका असर आने वाले समय में पूरे खाड़ी क्षेत्र पर पड़ सकता है।
ईरानी सैन्य अधिकारियों की कड़ी चेतावनी
राजनीतिक मोर्चे के साथ-साथ सैन्य स्तर पर भी तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली है। ईरानी सशस्त्र बलों के वरिष्ठ प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल Abolfazl Shekarchi ने सरकारी टेलीविजन को दिए इंटरव्यू में चेतावनी दी कि ईरान दुश्मन के सामने थोड़ी सी भी पीछे हटने की स्थिति में नहीं है। उन्होंने कहा कि अमेरिका को होरमुज जलडमरूमध्य के प्रबंधन में हस्तक्षेप करने का सपना भी नहीं देखना चाहिए, और यदि ऐसा हुआ तो ईरानी सशस्त्र बलों की तरफ से कड़ा जवाब दिया जाएगा। जनरल शेकार्ची ने यह भी कहा कि इस मार्ग पर ईरान द्वारा तय किए गए रास्ते के बाहर चलने वाले किसी भी जहाज को सुरक्षा नहीं मिलेगी। साथ ही उन्होंने पड़ोसी मुस्लिम देशों को भी सलाह दी कि वे अमेरिका से किसी तरह की मदद की उम्मीद न रखें।