अमेरिका ने ठुकराया ईरान का नया प्रस्ताव, राष्ट्रपति ट्रंप ने चीन को दी सख्त चेतावनी.

अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव के बीच एक बड़ी खबर सामने आ रही है। 26 सितंबर 2026 को अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान की तरफ से आए नए कूटनीतिक प्रस्ताव को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। इस प्रस्ताव में कई बड़ी बातें कही गई थीं लेकिन अमेरिका ने इस पर भरोसा करने से साफ इनकार कर दिया है।
क्या था ईरान के प्रस्ताव में?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान के विदेश मंत्री की तरफ से एक प्रस्ताव रखा गया था जिसमें सात दिन का युद्धविराम, होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलना और परमाणु वार्ता को फिर से शुरू करने की बात शामिल थी। ईरानी राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने भी 26 सितंबर 2026 को सीबीएस न्यूज को दिए इंटरव्यू में कहा था कि अगर अमेरिका इस प्रस्ताव को मानता है तो ईरान अपने वादों को पूरा करेगा और यूएन परमाणु निरीक्षकों को देश में आने की अनुमति देगा।
लेकिन अटलांटिक काउंसिल के सीनियर फेलो Thomas Warrick ने अल जazeera को दिए इंटरव्यू में बताया कि ईरान का यह प्रस्ताव अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव को ध्यान में रखकर तैयार किया गया था। उन्होंने यह भी चेतावनी दी थी कि इस प्रस्ताव में कुछ छिपी हुई मुश्किलें भी थीं। अमेरिकी अधिकारियों ने वॉल स्ट्रीट जर्नल को बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप को ईरान की नीयत पर शक है और उन्होंने बमबारी अभियान को फिर से शुरू करने का संकेत भी दिया है।
चीन को अमेरिका की दो टूक चेतावनी
इस बीच कतर के अधिकारियों की मध्यस्थता से न्यूयॉर्क में 25 से 26 सितंबर 2026 के दौरान तकनीकी स्तर पर बातचीत चल रही थी। इस चर्चा में अमेरिकी दूत Steve Witkoff और Jared Kushner भी शामिल हुए। दूसरी तरफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दबाव लगातार बना हुआ है। राष्ट्रपति ट्रंप ने चीनी राष्ट्रपति Xi Jinping के साथ ईरान युद्ध के मुद्दे पर चर्चा की। चीन में अमेरिकी राजदूत David Perdue ने साफ कर दिया कि चीन द्वारा ईरान को किसी भी तरह की मदद देना पूरी तरह से अस्वीकार्य है। हालांकि चीन की तरफ से इस मामले में कोई नया आधिकारिक समर्थन सामने नहीं आया है।