ईरान की नौसैनिक नाकेबंदी: अमेरिका ने 144 वाणिज्यिक जहाजों का रास्ता बदला
अमेरिकी नौसेना ने ईरान की नाकेबंदी के बीच 144 वाणिज्यिक जहाजों का रास्ता बदला। USS जॉर्ज वाशिंगटन इस ऑपरेशन में मुख्य भूमिका निभा रहा है।

वॉशिंगटन: अमेरिका ने ईरान के खिलाफ जारी अपनी सख्त नौसैनिक नाकेबंदी के तहत 144 वाणिज्यिक जहाजों का रास्ता सफलतापूर्वक बदला है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, अक्टूबर महीने में जहाजों की इस संख्या में लगातार बढ़ोतरी देखी गई है।
31 अक्टूबर 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, 9 अक्टूबर को यह संख्या 133 थी, जो 17 अक्टूबर को बढ़कर 138 हो गई और अब यह आंकड़ा 144 तक पहुंच गया है। इन समुद्री उपायों को लागू करने में विमानवाहक पोत USS जॉर्ज वाशिंगटन (CVN 73) मुख्य भूमिका निभा रहा है।
इस ऑपरेशन में वाहक पोत से तैनात MH-60R सी हॉक हेलीकॉप्टरों की मदद ली जा रही है। ये हेलीकॉप्टर खुले समुद्र में, खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य के पास निगरानी, समुद्री अवरोधन और पनडुब्बी रोधी युद्ध के कार्यों को अंजाम दे रहे हैं।
समुद्री मोर्चे पर सख्ती के बीच राजनयिक संकेत मिले-जुले हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ किसी नए सैन्य अभियान की अनुमति नहीं दी है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं का मुकाबला करने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन वह राजनयिक समाधानों के लिए खुला है।
दूसरी ओर, ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसिन रजाई ने दावा किया है कि वॉशिंगटन ने एक 'सकारात्मक' प्रस्ताव पेश किया है। रजाई के मुताबिक, अमेरिका ने तेहरान की सात शर्तों को स्वीकार करने की इच्छा जताई है, हालांकि ईरान ने अभी तक इसका कोई आधिकारिक जवाब नहीं दिया है।
क्षेत्रीय सुरक्षा व्यवस्थाओं पर चर्चा करने के लिए तेहरान में एक रणनीतिक चतुष्पक्षीय बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें ईरान, पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की शामिल हुए।