US Sanctions: अमेरिका के नए प्रतिबंधों से स्पेन के केसर कारोबार पर मंडराया संकट, शेफ और व्यापारी परेशान.

अमेरिका की तरफ से ईरान के खिलाफ उठाए जा रहे सख्त कदमों ने अब स्पेन के पारंपरिक केसर उद्योग की नींद उड़ा दी है। ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों पर पेनल्टी लगाने की अमेरिकी धमकियों के बाद वहां के शेफ और निर्यातकों के बीच चिंता का माहौल बन गया है। इस पूरी स्थिति से स्पेन का सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है जिससे दुनिया भर में केसर पहुंचाने वाले कारोबारियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
अमेरिका का आर्थिक प्रहार और ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट
अगस्त 2026 के आखिर में अमेरिकी प्रशासन ने ईरान के साथ व्यापारिक रिश्ते रखने वाले देशों के खिलाफ एक बड़े 'आर्थिक प्रहार' का ऐलान किया था। अमेरिकी ट्रेजरी സെക്രട്ടറി Scott Bessent ने 'ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट' की शुरुआत की घोषणा की जिसके तहत सेकेंडरी सैंक्शंस लगाए जा रहे हैं। इस नीति के तहत देशों को तय समय सीमा के भीतर ईरान के साथ अपने सभी व्यावसायिक संबंध खत्म करने का निर्देश दिया गया है। सचिव बेसेंट ने स्पष्ट किया कि प्रशासन का मुख्य उद्देश्य इस शासन को मिलने वाले हर वित्तीय सहारे को तब तक काटना है जब तक कि तेहरान अकेला न पड़ जाए।
स्पेन के केसर बाजार पर सीधा असर
दुनिया भर में पैदा होने वाले कुल केसर का 90 से 95 प्रतिशत हिस्सा केवल ईरान में ही उगता है। ईरान ही स्पेनिश निर्यातकों के लिए केसर का सबसे बड़ा और मुख्य सप्लायर है जो इस मसाले को प्रोसेस करके अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस जैसे बड़े बाजारों में भेजते हैं। स्पेनिश एक्सपोर्ट फर्म CEAE के Jose Luis Guerrero ने इस बात की पुष्टि की है कि ईरान आज भी उनका सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता बना हुआ है। इस संभावित रुकावट ने उन पारंपरिक पिएला शेफ और उद्योग के लोगों की सांसे अटका दी हैं जो लगातार मिलने वाली सप्लाई पर पूरी तरह निर्भर हैं।
तुर्की के बैंक पर कार्रवाई और बढ़ता दबाव
यह दबाव तब और ज्यादा बढ़ गया जब 4 सितंबर 2026 को अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने तुर्की के गोल्डन ग्लोबल बैंक पर ईरान के लिए वित्तीय लेनदेन में मदद करने का आरोप लगाते हुए प्रतिबंध लगा दिया। हालांकि स्पेनिश व्यापार पर इसका पूरा असर अभी सामने आ रहा है लेकिन बाजार के जानकारों का मानना है कि व्यापार का माहौल लगातार सीमित होता जा रहा है। इससे पहले साल 2025 में ईरान केसर कंपनी को भी अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के दायरे में लाया जा चुका है। इसके अलावा संयुक्त अरब अमीरात जैसे कई देशों ने भी ईरान के साथ अपने व्यापारिक रिश्तों को पहले ही निलंबित कर दिया है। अमेरिकी कांग्रेस में इस संबंध में एक बड़ा विधायी बिल अभी लंबित है लेकिन मौजूदा प्रशासन अपनी विदेश नीति के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए तुरंत कार्यकारी कार्रवाई का इस्तेमाल कर रहा है।