अमेरिका ने हमास के फंडिंग नेटवर्क पर कसे शिकंजा, क्रिप्टोकरेंसी और फर्जी चैरिटी का हुआ पर्दाफाश

दुनियाभर में आतंकवाद के वित्तीय स्रोतों पर लगाम कसने के लिए अमेरिका ने एक बार फिर बड़ा कदम उठाया है। अमेरिकी प्रशासन ने हमास के एक सैन्य कमांडर, फ्रांस में सक्रिय दो व्यक्तियों और उनसे जुड़ी दो संस्थाओं पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए हैं। आरोप है कि इस संगठित नेटवर्क ने फर्जी चैरिटी और क्रिप्टोकरेंसी चैनलों की आड़ में पिछले कुछ वर्षों के दौरान 20 लाख अमेरिकी डॉलर से अधिक की रकम हमास तक पहुंचाई थी।
अमेरिकी वित्त विभाग के विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय (OFAC) की ओर से जारी घोषणा में बताया गया कि यह कार्रवाई हमास के उस वित्तीय ताने-बाने को उजागर करती है, जो मानवीय सहायता के नाम पर लोगों को भ्रमित कर रहा था। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, इस पूरे अभियान का उद्देश्य आतंकवादी संगठनों को मिलने वाले पैसों के उन रास्तों को ब्लॉक करना है, जिनकी बदौलत वे अपनी गतिविधियां जारी रखते हैं।
फर्जी चैरिटी और क्रिप्टो का खतरनाक खेल
जांच में सामने आया है कि इस नेटवर्क ने किस प्रकार से दानदाताओं की भावनाओं का दुरुपयोग किया। अमेरिका द्वारा प्रतिबंधित किए गए लोगों में गाजा का रहने वाला सलीम अब्दुल्ला सलीम अल-जाक शामिल है, जिसे हमास के सैन्य विंग का एक प्रमुख पदाधिकारी बताया गया है। अल-जाक पर आरोप है कि उसने मनी सर्विसेज और क्रिप्टोकरेंसी वॉलेट्स के जरिए भारी मात्रा में फंड अल-कसम ब्रिगेड तक पहुंचाया। इसके अलावा, फ्रांस में रहने वाले फौजी बारिका और अमेल औलिद पर आरोप है कि उन्होंने फर्जी चैरिटी संगठनों के माध्यम से गाजा के नागरिकों की मदद के नाम पर पैसे जुटाए और उसे अल-जाक के जरिए हमास तक पहुंचाया।
अमेरिकी वित्त विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, साल 2020 से 2026 के बीच इस गिरोह ने मिलकर 20 लाख डॉलर से ज्यादा की रकम इकट्ठा की। चौंकाने वाली बात यह है कि इसमें से अधिकांश यानी करीब 15 लाख डॉलर की राशि 7 अक्टूबर 2023 को इज़राइल पर हुए हमलों के बाद जुटाई गई थी। फ्रांस में 'एसोसिएशन बरका' और 'एंसेंबल सी मियू' जैसे संगठनों का इस्तेमाल लोगों से चंदा वसूलने के लिए किया जा रहा था, जिसे बाद में क्रिप्टोकरेंसी के जरिए हमास के सहयोगियों तक भेजा गया।
एफबीआई और स्थानीय पुलिस की संयुक्त कार्रवाई
यह प्रतिबंध अमेरिका के फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) और अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा चलाए जा रहे एक बड़े बहु-न्यायक्षेत्रीय अभियान का हिस्सा है। अमेरिकी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि आतंकवाद के वित्तपोषण में शामिल किसी भी व्यक्ति या संस्था को बख्शा नहीं जाएगा। इन प्रतिबंधों के लागू होने के बाद, अमेरिका के भीतर या अमेरिकी नागरिकों के नियंत्रण में आने वाली इन सभी नामित व्यक्तियों और संस्थाओं की संपत्तियों को पूरी तरह से ब्लॉक कर दिया गया है। साथ ही, अमेरिकी नागरिकों और कंपनियों के लिए इन लोगों के साथ किसी भी तरह के वित्तीय लेन-देन पर सख्त रोक लगा दी गई है।