अमेरिका ने ईरान के वित्तीय नेटवर्क और तेल कारोबारियों पर लगाए नए प्रतिबंध ताकि सैन्य फंडिंग को रोका जा सके

वॉशिंगटन: अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने 'ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट' के तहत ईरान और उसके वित्तीय नेटवर्क के खिलाफ प्रतिबंधों का नया दौर शुरू किया है। इन नए उपायों में 16 व्यक्ति और 10 संस्थाएं शामिल हैं। अमेरिका का मकसद उन फंडिंग चैनलों को पूरी तरह बंद करना है जो ईरानी सेना और उससे जुड़ी ताकतों की मदद करते हैं।
अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने बताया कि इस कार्रवाई का उद्देश्य ईरानी शासन के खजाने को खाली करना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान के तथाकथित सहयोगी भी इन प्रतिबंधों से उसकी अर्थव्यवस्था को नहीं बचा पाएंगे।
इसी बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि ईरान के खिलाफ अमेरिका का अभियान लंबा नहीं खिंचेगा। उन्होंने कहा कि कोई भी संघर्ष तेजी से समाप्त होगा और तेहरान को परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
प्रतिबंधों की जद में आए संस्थानों में इराक का इंटरनेशनल डेवलपमेंट बैंक शामिल है। अमेरिका ने आरोप लगाया है कि यह बैंक ईरानी पूंजी का इस्तेमाल कर रहा था और हर महीने मुनाफा अमेरिकी डॉलर में ईरान भेजता था। ट्रेजरी विभाग ने इस बैंक के ईरानी सरकारी एजेंटों और मिलिशिया समूहों के साथ संबंधों की पहचान की है।
इसके अलावा फ्री जोन में काम करने वाले दो ईरानी बैंकों, जजीरा इंटरनेशनल बैंक कंपनी (बैंक मेलत से संबद्ध) और चाबहार इंटरनेशनल बैंक ओवरसीज कंपनी (बैंक शहर से संबद्ध) पर भी प्रतिबंध लगाए गए हैं। बताया गया है कि ईरान के सेंट्रल बैंक और सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने इन बैंकों को अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों से बचने के लिए विदेशी मुद्राओं के इस्तेमाल की अनुमति दी थी।
क्यूबा स्थित बैंको इंटरनेशनल डी कॉमर्स एस.ए. (BICSA) पर भी कार्रवाई की गई है। इस बैंक पर ईरानी काराफारिन बैंक को बैंकिंग सेवाएं देने का आरोप है, जो 2022 से अमेरिकी प्रतिबंधों के दायरे में है।
व्यक्तिगत तौर पर दुबई में रहने वाले ईरानी नागरिक रुहोल्लाह रजावी को भी चिन्हित किया गया है। रजावी कट्टरपंथी पायदारी फ्रंट के एक नेता के दामाद हैं और उन पर शासन के लिए मुख्य तेल ब्रोकर के रूप में काम करने का आरोप है। उन्होंने सैयद नइमी बदर अल-दीन मौसावी के साथ मिलकर काम किया, जो हिजबुल्लाह के फाइनेंसर और आईआरजीसी कुड्स फोर्स के मददगार हैं और उन पर 15 अप्रैल 2026 को प्रतिबंध लगाए जा चुके हैं।
अमेरिकी ट्रेजरी ने दुनिया भर के वित्तीय संस्थानों को चेतावनी दी है कि इन ईरानी नेटवर्क के साथ लेनदेन करने पर उन पर सेकेंडरी प्रतिबंध लग सकते हैं। इससे उन्हें अमेरिकी कॉरेस्पोंडेंट खातों तक पहुंच खोनी पड़ सकती है। विभाग ने साफ किया है कि अमेरिकी प्रतिबंध कानूनों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के लिए गंभीर नागरिक और आपराधिक जोखिम हो सकते हैं।