अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने खार्ग द्वीप को विफलता का स्मारक बताया और कहा कि ईरान का तेल निर्यात अब पूरी तरह ठप हो गया है
अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने कहा कि ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट से ईरान का तेल निर्यात पूरी तरह ठप हो गया है।

वॉशिंगटन: अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने ईरान के खार्ग द्वीप को विफलता का स्मारक करार दिया है। उन्होंने दावा किया कि ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट ने ईरान की तेल निर्यात की जीवनरेखा को सफलतापूर्वक काट दिया है।
22 अक्टूबर 2026 को बोलते हुए बेसेंट ने बताया कि फारस की खाड़ी में स्थित ईरान के इस मुख्य निर्यात केंद्र पर समुद्री यातायात काफी कम हो गया है। उनके मुताबिक यह सुविधा अब लगभग पूरी तरह से बंद हो चुकी है। ट्रेजरी ने सबूत के तौर पर सैटेलाइट तस्वीरें जारी की हैं, जिनमें पुराने समय की तुलना में कच्चे तेल के जहाजों की भारी कमी दिखाई दे रही है।
सचिव बेसेंट के अनुसार, 24 अगस्त 2026 को शुरू किए गए ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट का मकसद ईरानी शासन को उन संसाधनों से वंचित करना है, जिनका इस्तेमाल आतंकवाद, परमाणु खरीद और आईआरजीसी (IRGC) के विशिष्ट दस्ते के लिए किया जाता है। ट्रेजरी की रिपोर्ट कहती है कि अगस्त के बाद से खार्ग द्वीप सुविधा पर कोई तेल लोड नहीं किया गया है और फिलहाल समुद्र के जरिए कोई ईरानी तेल ग्राहकों तक नहीं पहुंच रहा है।
यूनाइटेड अगेंस्ट न्यूक्लियर ईरान (UANI) के आंकड़ों ने भी इस प्रभाव की पुष्टि की है। 14 जुलाई को अमेरिका द्वारा समुद्री नाकाबंदी दोबारा लागू करने के बाद कुल 47 घटनाओं में से केवल आठ बार खार्ग द्वीप से तेल और पेट्रोकेमिकल लोड किए गए हैं।
इस अभियान के तहत 21 अक्टूबर 2026 को नई कार्रवाई की गई है। इसमें पनामा और ग्रीस स्थित लॉ फर्म 'कारनाकिस एंड कारनाकिस' के साथ-साथ सिंगापुर और यूएई के शिपिंग एजेंटों पर प्रतिबंध लगाए गए हैं। इन संस्थाओं पर अवैध शिपिंग गतिविधियों में मदद करने का आरोप है।
स्कॉट बेसेंट ने जोर देकर कहा कि ट्रेजरी उन सभी पक्षों पर प्रतिबंध लगाना जारी रखेगी जो ईरानी शासन का समर्थन कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि चाहे वह समुद्र में अवैध तेल हस्तांतरण हो या कानूनी सेवाएं, ईरान के वित्तीय और लॉजिस्टिक नेटवर्क को निशाना बनाया जाएगा ताकि अवैध हथियार कार्यक्रमों की फंडिंग रोकी जा सके।