अमेरिका ने ईरान की 27 एयरलाइंस पर लगाया कड़ा प्रतिबंध, अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रुकीं और यात्रा हुई महंगी

वॉशिंगटन: अमेरिका ने ईरान की 27 एयरलाइंस और नौ विदेशी सेवा प्रदाताओं पर नए प्रतिबंध लगा दिए हैं। इस फैसले से अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट रूट बुरी तरह प्रभावित हुए हैं, जिसके कारण यात्रियों और कारोबारियों को अब लंबे और महंगे रास्तों का सहारा लेना पड़ रहा है।
अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय (OFAC) ने 8 सितंबर 2026 को 'ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट' के तहत इन उपायों की घोषणा की। यह कार्रवाई आतंकवाद विरोधी अधिकार कार्यकारी आदेश 13224 और कार्यकारी आदेश 13902 के तहत की गई है।
ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने पुष्टि की है कि प्रभावित ईरानी एयरलाइंस की अंतरराष्ट्रीय उड़ानें 23 सितंबर 2026 से पूरी दुनिया में बंद कर दी गई हैं। बेसेंट ने चेतावनी दी है कि जो भी संस्थाएं इन एयरलाइंस को ईंधन, लैंडिंग सेवाएं या टिकट बिक्री की सुविधा देंगी, उन्हें वैश्विक वित्तीय प्रणाली से बाहर किया जा सकता है।
प्रतिबंधित एयरलाइंस की सूची में ईरान एयर टूर, ईरान असेमन एयरलाइंस, किश एयरलाइंस, केशम एयर, Zagros एयरलाइंस, तबान एयरलाइंस, एयर शिराज़, असा जेट एयरलाइन, आता एयरलाइंस कंपनी, एटलस एविएशन ग्रुप, अवा एयरलाइंस, चाबहार एयरलाइंस कंपनी, एरवन एयरलाइन कंपनी, फ्लाई किश एयरलाइंस, फ्लाई फारसिया एयरलाइंस, जेस्की एयरलाइंस, कारून एयरलाइंस कंपनी, लाड एयरवेज, मेहर एयरवेज, नसीम एयर, पार्स ओघ्यानौस किश कंपनी, राइमोन एयरवेज, सहा एयरलाइंस, सेपेहरान एयरलाइंस, सोरौश एयर, तोस एयरलाइंस और वारेश एयरलाइंस शामिल हैं।
लॉजिस्टिक्स, कार्गो और पुर्जे मुहैया कराने वाली विदेशी कंपनियों पर भी गाज गिरी है। इनमें यूएई की ECT एविएशन सपोर्ट LLC, तुर्की की स्काई फीनिक्स हवा योलारी तसिमासिलिगी तिजारेत लिमिटेड सिरकेती और मेस कार्गो ट्रांसपोर्टेशन टूरिज्म एंड फॉरेन ट्रेड लिमिटेड कंपनी, मलेशिया की Icargo SDN BHD और कजाकिस्तान की टूर इन्वेस्ट LLC शामिल हैं। अमेरिका ने महान एयर पर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC-QF) की मदद करने का आरोप लगाया है।
इस कदम के बाद ओमान, तुर्की, इराक और यूएई ने इन एयरलाइंस की फ्लाइट्स को स्वीकार करना बंद कर दिया है। दूसरी ओर, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और सर्वोच्च नेता के सलाहकार मोहम्मद मोखबर ने इन प्रतिबंधों को खारिज कर दिया है। मोखबर ने चेतावनी दी है कि इसके जवाब में क्षेत्र में अन्य व्यवधान पैदा हो सकते हैं।
ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसिन रजाई ने क्षेत्रीय देशों से इन प्रतिबंधों को ठुकराने की अपील की है। वहीं, सिविल एविएशन ऑर्गनाइजेशन के प्रमुख अबुज़ार शिरौदी ने 12 सितंबर 2026 को ICAO को क्षेत्रीय परिवहन पर पड़ने वाले संभावित असर के बारे में सूचित किया।
विशेषज्ञ फारजिन नादिमी और रिचर्ड नेफ्यू के मुताबिक, यह नागरिक उड्डयन क्षेत्र को अलग-थलग करने की एक व्यापक कोशिश है। उन्होंने बताया कि इससे विमानों के रखरखाव में दिक्कत आएगी और घरेलू सामानों की कीमतें बढ़ सकती हैं।