हूती हमलों और बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने सऊदी अरब समेत 12 देशों के लिए सुरक्षा अलर्ट जारी किया

रियाद: हूती विद्रोहियों के बढ़ते हमलों और मिडिल ईस्ट में गहराते तनाव को देखते हुए अमेरिका ने सऊदी अरब, यूएई, कतर, कुवैत, बहरीन, ओमान, ईरान, इराक, लेबनान, यमन, जॉर्डन और इजराइल समेत 12 जगहों के लिए सुरक्षा अलर्ट जारी किया है। 18 और 19 अक्टूबर 2026 को जारी इन चेतावनियों में अमेरिकी नागरिकों को हवाई उड़ानों के रद्द होने, हवाई क्षेत्र बंद होने और यात्रा में बड़ी दिक्कतों की संभावना के प्रति आगाह किया गया है।
अमेरिकी विदेश विभाग के मुताबिक, सुरक्षा माहौल काफी जटिल है और यह आशंका है कि संघर्ष अचानक किसी भी दिशा में बढ़ सकता है। इसलिए नागरिकों को अधिक सतर्क रहने की सलाह दी गई है। अमेरिकी राजनयिक मिशनों ने अपने नागरिकों से स्मार्ट ट्रैवलर एनरोलमेंट प्रोग्राम (STEP) में पंजीकरण करने और आपातकालीन योजना तैयार रखने को कहा है।
सऊदी अरब के कुछ हिस्सों के लिए यात्रा चेतावनी लेवल 3 या लेवल 4 पर बनी हुई है। यहां मिसाइल, ड्रोन हमलों, आतंकवाद और सशस्त्र संघर्ष का खतरा बताया गया है। रियाद स्थित अमेरिकी दूतावास ने सरकारी कर्मचारियों के लिए यमन सीमा के 20 मील के दायरे में यात्रा करने पर रोक लगा दी है और एयरपोर्ट ट्रांजिट के लिए विशेष अनुमति अनिवार्य कर दी है। दूतावास ने यह भी चेतावनी दी है कि ईरान और उसके सहयोगी दुनिया भर में अमेरिकी हितों को निशाना बना सकते हैं।
क्षेत्र में तनाव का असर बुनियादी ढांचे पर भी दिख रहा है। रियाद का किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट 17 अक्टूबर तक अपनी सेवाएं निलंबित रहा, जबकि जेद्दा के किंग अब्दुलअजीज और दम्माम के किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उड़ानों में देरी और रद्दीकरण की खबरें आई हैं।
हिंसा की बात करें तो 18 अक्टूबर को सऊदी सिविल डिफेंस ने बताया कि हूती बलों ने नजरान में एक प्रोजेक्टाइल दागा, जिससे छह सऊदी नागरिक घायल हुए और संपत्तियों को नुकसान पहुंचा। दूसरी तरफ, हूती सैन्य प्रवक्ता याहिया सारेआ ने दावा किया कि उन्होंने 24 घंटे के भीतर यमन में 110 हमले किए हैं।
सऊदी अधिकारियों ने सख्त हिदायत दी है कि काउंटर-मिसाइल गतिविधियों या हमलों वाली जगहों की फोटो या वीडियो न बनाएं और न ही उन्हें साझा करें। अधिकारियों ने बताया कि नियमों का उल्लंघन करने वाले विदेशी नागरिकों को पहले भी हिरासत में लिया गया है। इस बीच, मिस्र की नेशनल डिफेंस काउंसिल ने सऊदी अरब की स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए सैन्य सहायता देने का वादा किया है।