विदेश मामलों के विशेषज्ञ वाइल अववाद ने दावा किया कि अमेरिका ईरान में शासन परिवर्तन और देश को पूरी तरह नष्ट करना चाहता है

विदेश मामलों के विशेषज्ञ वाइल अववाद ने दावा किया है कि अमेरिका ईरान को पूरी तरह नष्ट कर वहां शासन बदलना चाहता है।

Gautam Sahu24 October 20262 min read0 viewsWorld
विदेश मामलों के विशेषज्ञ वाइल अववाद ने दावा किया कि अमेरिका ईरान में शासन परिवर्तन और देश को पूरी तरह नष्ट करना चाहता है

दुबई: विदेश मामलों के विशेषज्ञ वाइल अववाद ने आरोप लगाया है कि अमेरिका अब केवल तेल या परमाणु मुद्दों तक सीमित नहीं है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका का असली मकसद ईरान को पूरी तरह नष्ट और विखंडित करना है ताकि इस क्षेत्र में इजरायल को सबसे बड़ी ताकत बनाया जा सके।

एएनआई से बात करते हुए अववाद ने कहा कि अमेरिका का लक्ष्य स्पष्ट रूप से शासन परिवर्तन करना है। उनके मुताबिक व्हाइट हाउस की बयानबाजी से यह साफ झलकता है कि वह पूरे मिडिल ईस्ट के ढांचे को बदलने की रणनीतिक कोशिश कर रहा है।

यह विवाद 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ था, जब हवाई हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अली खमनेई की हत्या कर दी गई थी। इसके बाद से क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ रहा है।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने 24 अक्टूबर 2026 को कहा कि अमेरिका और इजरायल को मिलकर ईरानी शासन का तख्ता पलट करना चाहिए। उन्होंने यह भी दावा किया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस काम को पूरा करने के लिए तैयार हैं।

वहीं राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 23 अक्टूबर 2026 को संकेत दिया कि यह युद्ध जल्दी खत्म हो सकता है। हालांकि उन्होंने इस बात पर सवाल उठाया कि क्या इसे जबरन खत्म करना चाहिए या संघर्ष को जारी रहने देना चाहिए।

खुफिया जानकारियों के बीच 18 अक्टूबर को अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ और प्रधानमंत्री नेतन्याहू की ओवडा एयर बेस पर गुप्त मुलाकात हुई थी।

नेशनल इंटेलिजेंस डायरेक्टर जे क्लेटन ने 23 अक्टूबर को विदेश मंत्री मार्को रुबियो को एक मेमो भेजा। इसमें चेतावनी दी गई कि अमेरिकी कर्मियों को निशाना बनाने की ईरानी साजिशें काफी आगे बढ़ चुकी हैं।

खबरों के मुताबिक दोनों देश अब ईरान के परमाणु, मिसाइल और ऊर्जा बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने के लिए नए सैन्य अभियानों की तैयारी कर रहे हैं। जवाब में ईरान ने भी फारस की खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों और नागरिक संपत्तियों पर जवाबी हमले की चेतावनी दी है।

Share:

Comments

Leave a comment