ईरान के खिलाफ डोनाल्ड ट्रंप की सैन्य योजना को अमेरिकी सीनेटर क्रिस मर्फी ने बताया पागलपन
अमेरिकी सीनेटर क्रिस मर्फी ने डोनाल्ड ट्रंप की ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान की योजना की कड़ी निंदा की है और इसे खतरनाक बताया है।

वॉशिंगटन: अमेरिकी सीनेटर क्रिस मर्फी ने पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान फिर से शुरू करने की कथित योजना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इस प्रस्ताव को पूरी तरह से पागलपन करार दिया है।
29 अक्टूबर 2026 को मिडिल ईस्ट इंस्टीट्यूट में बोलते हुए सीनेटर मर्फी ने चेतावनी दी कि यह रणनीति अपने लक्ष्यों को हासिल करने में नाकाम रहेगी। उन्होंने कहा कि इससे तनाव का एक खतरनाक नया चक्र शुरू हो जाएगा।
सीनेटर ने अमेरिकी सैन्य कर्मियों और राजनयिकों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता जताई है। उनके मुताबिक, जिस अभियान को अधिकारी कम समय का बता रहे हैं, वह लंबे संघर्ष में बदल सकता है और कानून के शासन को कमजोर कर सकता है।
यह विवाद ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी और इजरायली अधिकारियों ने क्षेत्रीय सहयोगियों को 3 नवंबर के मध्यावधि चुनावों के बाद संभावित हमलों के लिए तैयार रहने की चेतावनी दी है। पिछले आठ महीनों से चल रहे संघर्ष के बीच ईरान की नौसेना ने अमेरिकी युद्धपोतों के खिलाफ 20 सफल अभियानों और अमेरिकी हितों पर करीब 300 हमलों का दावा किया है।
दूसरी ओर, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसिन रजाई को बातचीत शुरू करने के लिए एक पत्र भेजा था। हालांकि, राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट किया कि यह संपर्क केवल चिकित्सा आपूर्ति की सुविधा के लिए था। तेहरान ने अभी तक इस पत्र का कोई जवाब नहीं दिया है।
क्षेत्रीय स्तर पर कतर के नेतृत्व में मध्यस्थ राजनयिक प्रयासों को फिर से जीवित करने की कोशिश कर रहे हैं। इसमें बमबारी वाले परमाणु स्थलों के संयुक्त राष्ट्र निरीक्षण को प्रतिबंधों में राहत से जोड़ने की संभावना है।
इसी बीच पेंटागन ने पुष्टि की है कि रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने शीर्ष सैन्य योजनाकार लेफ्टिनेंट जनरल ब्रेट सिल्विया को बर्खास्त कर दिया है। उन पर ईरान संघर्ष से जुड़ी गोपनीय जानकारी लीक करने का आरोप है।