अमेरिकी सीनेटर डेव मैकॉर्मिक ने ईरान पर ट्रंप की सख्त रणनीति का समर्थन किया और कहा कि ईरान को परमाणु हथियार छोड़ने होंगे

Gautam Sahu19 October 20262 min read0 viewsWorld
अमेरिकी सीनेटर डेव मैकॉर्मिक ने ईरान पर ट्रंप की सख्त रणनीति का समर्थन किया और कहा कि ईरान को परमाणु हथियार छोड़ने होंगे

वॉशिंगटन: अमेरिकी सीनेटर डेव मैकॉर्मिक ने ईरान के साथ चल रहे संघर्ष को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रणनीति की खुलकर तारीफ की है। 19 अक्टूबर 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किए गए एक बयान में मैकॉर्मिक ने कहा कि ईरानी नेताओं के पास अब स्पष्ट विकल्प है। उन्हें या तो अपनी परमाणु महत्वाकांक्षाओं को छोड़ना होगा या फिर गंभीर आर्थिक और सैन्य दबाव का सामना करना पड़ेगा।

सीनेटर मैकॉर्मिक का मानना है कि ईरान राज्य प्रायोजित आतंकवाद का एक बड़ा समर्थक है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए उस पर लगातार दबाव बनाए रखना जरूरी है।

यह बयान ऐसे समय में आया है जब ट्रंप प्रशासन की ओर से तेवर कड़े हुए हैं। 19 अक्टूबर को राष्ट्रपति ट्रंप ने चेतावनी दी कि अमेरिका जल्द ही ईरान के खिलाफ काम खत्म कर सकता है। ट्रंप का दावा है कि ईरान आर्थिक और सैन्य दोनों रूप से कमजोर हो चुका है।

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राष्ट्रपति ट्रंप ने 27 अक्टूबर को होने वाले चुनाव से पहले इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को अपना पूरा समर्थन दिया है। इससे पहले 14 अक्टूबर को अलास्का में एक रैली के दौरान ट्रंप ने संकेत दिया था कि वह यह सुनिश्चित करेंगे कि ईरान परमाणु हथियार न बना सके।

दूसरी तरफ ईरान ने इन धमकियों का कड़ा जवाब दिया है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने राष्ट्रपति ट्रंप की आलोचना की और आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नेतन्याहू अपने निजी राजनीतिक फायदे के लिए वॉशिंगटन को युद्ध की ओर धकेल रहे हैं।

इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के प्रवक्ता हुसैन मोहेब्बी ने चेतावनी दी है कि उनकी सेना लंबे समय तक चलने वाले युद्ध के लिए तैयार है और उनके पास नए लक्ष्य हैं जिन्हें अभी उजागर नहीं किया गया है। ईरान ने समुद्र के नीचे बिछी इंटरनेट केबलों, एआई डेटा सेंटरों और क्षेत्रीय ऊर्जा बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की धमकी दी है।

यह संघर्ष अब नौवें महीने में पहुंच गया है, जहां दोनों पक्ष अपनी जीत का दावा कर रहे हैं लेकिन स्थिति स्थिर बनी हुई है। ईरान के सुरक्षा अधिकारी मोहसिन रजाई ने कतरी मध्यस्थ के जरिए युद्धविराम के लिए कुछ शर्तें रखी थीं। इनमें सैन्य हमलों को रोकना, जमी हुई संपत्ति को वापस करना और नौसैनिक नाकेबंदी हटाना शामिल है।

क्षेत्रीय तनाव तब और बढ़ गया जब हूतियों ने रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हमले किए, जिसमें 19 लोगों की मौत हो गई। गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (GCC) ने इस हमले की कड़ी निंदा की है।

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