West Bank Attack: कब्जे वाले वेस्ट बैंक में एनबीसी न्यूज टीम पर इसराइली Settlers का हमला, अमेरिका ने की निंदा

Nura Basta31 August 20263 min read12 viewsWorld
West Bank Attack: कब्जे वाले वेस्ट बैंक में एनबीसी न्यूज टीम पर इसराइली Settlers का हमला, अमेरिका ने की निंदा

अमेरिका के State Department ने हाल ही में वेस्ट बैंक में एक बड़ी घटना पर कड़ी नाराजगी जताई है। शनिवार, 29 अगस्त 2026 को कब्जा किए गए वेस्ट बैंक में कुछ इसराइली सेटलर्स ने एनबीसी न्यूज की टीम पर अचानक हमला कर दिया। इस खतरनाक घटना के बाद अमेरिका की तरफ से आधिकारिक बयान सामने आया है, जिसमें इस पूरी कार्रवाई को सीधे तौर पर आपराधिक हिंसा करार दिया गया है। अमेरिकी अधिकारियों ने साफ शब्दों में कहा है कि इस मामले की पूरी जांच होनी चाहिए और जो लोग भी इसके पीछे हैं, उन्हें जल्द से जल्द गिरफ्तार करके सजा दी जानी चाहिए। अमेरिका ने यह भी दोहराया कि उनके नागरिकों की सुरक्षा सरकार की सबसे पहली प्राथमिकता है।

जालुद शहर में हुआ खतरनाक हमला

यह पूरी घटना वेस्ट बैंक के नब्लस के पास स्थित Jalud नाम के शहर में हुई। रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ नकाबपोश इसराइली सेटलर्स एक गाड़ी में सवार होकर वहां पहुंचे, जिस पर इसराइली नंबर प्लेट लगी हुई थी। इन लोगों ने हाथों में डंडे और लाठियां ले रखी थीं और पत्रकारों को देखते ही उन पर पथराव शुरू कर दिया। इस दौरान एनबीसी के इंटरनेशनल कॉरेस्पोंडेंट Matt Bradley के हाथ में दो बार चोट लगी। वहीं प्रोड्यूसर Lawahez Jabari ने बताया कि हमलावरों के पास लाठियों के अलावा एक बंदूक भी थी। मौके पर कैमरापर्सन Khaldoon Eid और टीम का एक अन्य सदस्य भी मौजूद था, जो इस खौफनाक मंजर का शिकार होने से बाल-बाल बचे।

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एक स्थानीय महिला भी हुई गंभीर रूप से घायल

जब हमलावरों और पत्रकारों के बीच यह हंगामा चल रहा था, तब एनबीसी टीम वहीं मौजूद एक 51 साल की स्थानीय फिलिस्तीनी महिला Aida Ahmed Abdullah का इंटरव्यू ले रही थी। इस झड़प के दौरान वह महिला अचानक बेहोश होकर जमीन पर गिर गई। मौके पर मौजूद रेड क्रेसेंट की मेडिकल टीम ने तुरंत उन्हें प्राथमिक उपचार दिया और फिलहाल वह अस्पताल में भर्ती हैं। राहत की बात यह है कि उनकी चोटें खतरे से बाहर बताई जा रही हैं। इस हमले के बाद एनबीसी की पूरी टीम सुरक्षित रूप से तेल अवीव लौट आई है, जहां वे सभी आराम कर रहे हैं और अपनी रिकवरी पर ध्यान दे रहे हैं।

इस्राइल और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कड़ी प्रतिक्रिया

इस शर्मनाक घटना के बाद इस्राइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने भी इस हमले की निंदा की। उन्होंने इसे कुछ हुड़दंगियों द्वारा किए गए आपराधिक कृत्य बताया और देश की सुरक्षा बलों को तुरंत निर्देश दिए कि वे सभी आरोपियों को पकड़कर कानून के कटघरे में लाएं। इसके अलावा अमेरिका के राजदूत Mike Huckabee ने भी इस हिंसा के खिलाफ अपनी बात रखी। इस्राइली सेना ने इस पूरे मामले की औपचारिक जांच शुरू कर दी है। दूसरी तरफ, Israel Press Council ने सुरक्षा बलों से साफ कहा है कि वे मीडिया कर्मियों की सुरक्षा की पूरी गारंटी लें, क्योंकि इस तरह के हमले आम जनता के सही जानकारी पाने के अधिकार पर सीधा हमला करते हैं। काउंसिल ऑन अमेरिकन-इलामिक रिलेशंस यानी CAIR ने भी इस घटना को सरकार समर्थित उग्रवादी हिंसा का नतीजा बताया है।

इलाके में लगातार बढ़ रही है हिंसा

यह पूरी घटना उस समय सामने आई है जब इस क्षेत्र में लगातार हिंसा की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। इसी शनिवार को पास के ही Qusra गांव से भी ऐसी ही खबरें आईं, जहां सेटलर्स ने कथित तौर पर फिलिस्तीनी कामगारों पर पेपर स्प्रे छिड़क दिया और एक घर को चारों तरफ से घेर लिया। हालात को काबू करने के लिए इस्राइली सेना को बीच में आकर आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय के आंकड़ों के मुताबिक, 1 जनवरी से 24 जुलाई 2026 के बीच वेस्ट बैंक में कुल 76 फिलिस्तीनी और 3 इस्राइली मारे जा चुके हैं, जो इस इलाके के बिगड़ते हालातों को बयां करता है।

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