अमेरिका ने ईरान के केशम द्वीप पर किए सीमित हमले, कहा- यह रक्षात्मक कार्रवाई है
अमेरिका ने ईरान के केशम द्वीप पर रक्षात्मक हमले किए हैं। तनाव के बीच ईरान ने कुछ शर्तों पर होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने का संकेत दिया है।

वॉशिंगटन/तेहरान: अमेरिका ने सोमवार, 2 नवंबर 2026 को ईरान के केशम द्वीप पर स्थित कुछ ठिकानों को निशाना बनाकर सीमित हमले किए हैं। अमेरिकी अधिकारियों ने इस सैन्य कार्रवाई को एक रक्षात्मक कदम बताया है।
अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, यह हमला इसलिए किया गया क्योंकि ईरानी सेना ने अमेरिकी संपत्तियों के खिलाफ सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों का इस्तेमाल किया था। पिछले कुछ हफ्तों से अमेरिका इसी तरह के सीमित और गुप्त सैन्य अभियान चला रहा है ताकि होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यावसायिक जहाजों के रास्ते में ईरानी हस्तक्षेप को रोका जा सके।
अधिकारियों ने यह स्पष्ट किया है कि इन सैन्य गतिविधियों का मतलब किसी बड़े युद्ध की शुरुआत नहीं है। दूसरी तरफ, ईरानी सरकारी मीडिया ने केशम द्वीप और तटीय शहर बंदर लेंगे में धमाकों की खबर दी है। हालांकि, ईरानी अधिकारियों ने अभी तक इन धमाकों के सटीक कारणों पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
यह घटना अमेरिका में 3 नवंबर 2026 को होने वाले मध्यावधि चुनावों से ठीक पहले हुई है। तनाव के बावजूद दोनों देशों के नेतृत्व ने स्थिति को शांत करने के संकेत दिए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि एक समझौता 'हो सकता है', जबकि उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने संघर्ष को खत्म करने की दिशा में 'कुछ प्रगति' होने की पुष्टि की है।
जवाब में ईरानी सरकार ने संकेत दिया है कि वह 48 घंटों के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए तैयार है, लेकिन इसके लिए अमेरिका को कुछ शर्तें माननी होंगी। ईरान की मांग है कि उस पर लगे प्रतिबंध हटाए जाएं, उसकी जमी हुई संपत्तियां वापस की जाएं और क्षेत्र में तैनात अमेरिकी सैनिकों की संख्या कम की जाए।
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगई ने बताया कि अब 'सब कुछ' इस बात पर निर्भर करता है कि अमेरिका इन शर्तों को स्वीकार करता है या नहीं।