अमेरिका का ईरान पर बड़ा हमला, IRGC बेस पर दागी 6 मिसाइलें, राष्ट्रपति ट्रंप ने दी चेतावनी।

मध्य पूर्व में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है और इसी बीच अमेरिका ने ईरान के खिलाफ बड़ा सैन्य कदम उठाया है। अमेरिकी सैन्य कमांड यानी CENTCOM के नेतृत्व में अमेरिकी सेना ने 1 सितंबर 2026 को ईरान के भीतर स्थित इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC के एक बेस पर कई मिसाइलें दागीं। रिपोर्ट के अनुसार इस सैन्य कार्रवाई में कुल छह मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया। इस ताजा हमले से पूरे खाड़ी क्षेत्र में खलबली मच गई है और आम लोगों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
तनाव की पूरी कहानी और पुरानी घटनाएं
यह सैन्य कार्रवाई क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से चल रही भारी उथल-पुथल के बाद सामने आई है। इससे पहले 30 अगस्त को अमेरिकी सेना ने लारक द्वीप पर बने उन रॉकेट लॉन्चरों को निशाना बनाया था जिनका इस्तेमाल समुद्र में बारूदी सुरंग यानी सी माइन बिछाने के लिए किया जाना था। इसके जवाब में ईरान ने 31 अगस्त को जॉर्डन के अAqaba के पास स्थित कैंप टिटिन में अमेरिकी बैरकों पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला कर दिया था। इन लगातार हमलों के बाद अमेरिका ने यह सख्त कदम उठाया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का कड़ा बयान
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल के जरिए इस हमले की पुष्टि की। उन्होंने इन हमलों को बड़ा और शक्तिशाली बताया और साफ कहा कि यह कार्रवाई ईरान द्वारा हॉर्मुज जलडमरूमध्य में सी माइन बिछाने की कोशिश और जॉर्डन में अमेरिकी बेस पर हुए हमले का बदला है। राष्ट्रपति ट्रंप ने कड़ी चेतावनी देते हुए यह भी कहा कि अगर ईरान ने आगे कोई भी जवाबी कार्रवाई की तो अमेरिका की तरफ से और भी ज्यादा कठोर और बड़ा जवाब दिया जाएगा।
ईरान की प्रतिक्रिया और नुकसान का दावा
दूसरी तरफ IRGC के प्रवक्ता सरदार मोहेबी ने इन हमलों का पछतावे वाला जवाब देने की कसम खाई है। ईरानी सरकारी मीडिया का दावा है कि अमेरिका की इस कार्रवाई की वजह से आम नागरिकों को भारी नुकसान हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार सिरिक इलाके में एक शादी समारोह के दौरान चार लोगों की मौत हो गई जिसमें एक बच्चा भी शामिल है। इसके अलावा قشم द्वीप यानी Qeshm Island पर एक मछली के दाने की फैक्ट्री को भी नुकसान पहुंचा है। ईरानी मीडिया ने यह भी बताया कि هرمزگان यानी Hormozgan प्रांत के कई हिस्सों में बिजली गुल हो गई है।
क्षेत्रीय सुरक्षा और मध्यस्थता की कोशिशें
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने कहा है कि उनका देश अमेरिका के साथ जून महीने में हुए समझौते पर वापस लौटने के लिए तैयार है लेकिन इसके बावजूद हालात बहुत नाजुक बने हुए हैं। तसनीम न्यूज के हवाले से एक वरिष्ठ ईरानी सैन्य अधिकारी ने अमेरिकी हमलों से कई गुना बड़े हमले की धमकी दी है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच जॉर्डन की सेना ने इस संघर्ष के दौरान आठ मिसाइलों को हवा में ही रोक लिया और संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE ने भी एक ईरानी ड्रोन को मार गिराने की पुष्टि की है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने कहा कि ईरान अपने राष्ट्रीय हितों के अनुसार ही कदम उठा रहा है।