अमेरिका ने ईरान के केशम द्वीप के ठिकानों पर किए 'रक्षात्मक हमले', कई धमाके सुने गए
अमेरिका ने ईरान के केशम द्वीप पर सैन्य हमले किए हैं। वहीं उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने शांति वार्ता में प्रगति का दावा किया है।

होर्मुज जलडमरूमध्य: अमेरिकी सेना ने सोमवार, 2 नवंबर 2026 को ईरान के केशम द्वीप पर स्थित ठिकानों के खिलाफ कई लक्षित 'रक्षात्मक हमले' किए हैं। स्थानीय निवासियों और ईरानी सरकारी मीडिया ने इस सैन्य कार्रवाई के दौरान एक के बाद एक कई विस्फोट होने की खबर दी है।
अमेरिकी अधिकारियों ने इन हमलों को सीमित प्रतिक्रिया बताया है। उनके मुताबिक, यह कार्रवाई ईरानी बलों द्वारा अमेरिकी संपत्तियों के खिलाफ सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों की तैनाती के जवाब में की गई है। अमेरिका का कहना है कि यह पिछले कुछ हफ्तों से चल रहे सीमित सैन्य युद्धाभ्यास का हिस्सा है और इसे पूर्ण पैमाने पर युद्ध की वापसी नहीं माना जाना चाहिए।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया था कि उन्होंने क्षेत्र में एक अमेरिकी MQ-9 ड्रोन और अन्य टोही विमानों को मार गिराया है, हालांकि इन रिपोर्टों की पुष्टि नहीं हुई है।
सैन्य तनाव के बीच अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने सोमवार को कहा कि वाशिंगटन ने तेहरान के साथ अप्रत्यक्ष शांति वार्ता में 'प्रगति' हासिल की है। वेंस ने पुष्टि की कि वह और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक संभावित बातचीत के जरिए समाधान को लेकर आशावादी हैं। हालांकि, उन्होंने चेतावनी भी दी कि ईरान के 'अप्रत्याशित' स्वभाव को देखते हुए अमेरिका के पास 'काइनेटिक विकल्पों' का उपयोग करने का अधिकार सुरक्षित है।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में टिप्पणी की थी कि ईरानी नेतृत्व समझौते के लिए उत्सुक लग रहा है और एक डील 'हो सकती है'। दूसरी ओर, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने कूटनीति के प्रति अपनी सरकार की प्रतिबद्धता जताई है, लेकिन साथ ही यह भी साफ किया है कि उनका देश दबाव के आगे नहीं झुकेगा।
ईरान ने अंतिम समझौते के लिए अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी हटाने और अपनी विशिष्ट राष्ट्रीय मांगों को पूरा करने की शर्त रखी है। यह संघर्ष अब नौवें महीने में प्रवेश कर चुका है, जबकि क्षेत्र में हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी अरब के पास मिसाइल और ड्रोन हमलों और होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री सुरक्षा की चुनौतियां बनी हुई हैं।