अमेरिका का ईरान के दक्षिणी तट पर बड़ा हमला, जवाब में ईरान ने दागी बैलिस्टिक मिसाइलें

Nura Basta2 September 20263 min read33 viewsWorld
अमेरिका का ईरान के दक्षिणी तट पर बड़ा हमला, जवाब में ईरान ने दागी बैलिस्टिक मिसाइलें

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर से बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। अमेरिकी सेना ने ईरान के दक्षिणी तट पर जोरदार एयरस्ट्राइक की है, जिसके जवाब में ईरान ने भी अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाते हुए ताबड़तोड़ बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन दागे हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों और वहां सफर करने वालों के बीच एक नई चिंता पैदा कर दी है।

अमेरिका ने क्यों की एयरस्ट्राइक और क्या हुआ नुकसान

अमेरिका की सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM और राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के आदेश के बाद अमेरिकी वायुसेना ने 1 सितंबर और 2 सितंबर 2026 को ईरान के दक्षिणी हिस्से में सिलसिलेवार हमले किए। इस कार्रवाई के दौरान लगभग 100 ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिसमें قشم द्वीप (Qeshm Island), बंदर अब्बास, सिरिक, चाबहार, कोनारक, जास्के, बुशहर और मीनाब जैसे इलाके शामिल थे। अमेरिकी सेना का मुख्य मकसद ईरान के रडार सिस्टम, एयर डिफेंस साइट्स, बातचीत के साधन और एंटी-शिप मिसाइल लॉन्चर्स को नेस्तनाबूद करना था। अमेरिका का कहना है कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य में बारूदी सुरंग बिछाने की कोशिशों और अमेरिकी कर्मियों पर हुए पुराने हमलों के बदले में यह सैन्य कार्रवाई की गई है। इसके अलावा, राष्ट्रपति ट्रंप की नई 'टैंकर के बदले टैंकर' नीति के तहत अमेरिकी सेना ने पहली बार ईरान के दो सरकारी तेल टैंकरों पर भी हमला बोला।

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ईरान की तरफ से मिला खतरनाक पलटवार

अमेरिका के इन हमलों के तुरंत बाद ईरान ने भी चुप बैठना मुनासिब नहीं समझा और रातों-रात जोरदार जवाबी कार्रवाई की। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने दावा किया कि उसने जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी मरीन बेस 'कैम्प टिटिन' पर बैलिस्टिक मिसाइलों से जोरदार हमला किया। इसके साथ ही ईरानी सेना ने बहरीन के शेख ईसा एयर बेस पर ड्रोन हमलों को अंजाम दिया और कुवैत तथा इराक में भी कई जगहों पर स्ट्राइक किए। ईरानी सशस्त्र बलों के प्रवक्ता अबोल्फ़ज़ल शेकारची ने इस हमले को अंतिम और कभी न बदलने वाला बदला बताया है। वहीं, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघेई ने सिरिक में हुए अमेरिकी हमले की कड़ी निंदा की, जिसमें कथित तौर पर एक बच्चे समेत चार आम नागरिकों की मौत हो गई और करीब 50 लोग घायल हो गए।

जानमाल के नुकसान को लेकर अलग-अलग दावे

ईरानी हमलों के बाद वहां हुए नुकसान को लेकर दोनों पक्षों की तरफ से अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं। IRGC का दावा है कि कैम्प टिटिन पर हुए हमले में अमेरिकी सेना को भारी जानमाल का नुकसान उठाना पड़ा है और वहां कई इमारतें तथा हेलिकॉप्टर तबाह हो गए हैं। हालांकि, व्हाइट हाउस ने इन दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा है कि किसी भी अमेरिकी सैनिक को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। दूसरी ओर, जॉर्डन के प्रशासन ने पुष्टि की है कि उनके हवाई क्षेत्र में कुल 13 बैलिस्टिक मिसाइलें घुसी थीं, जिनमें से एयर डिफेंस सिस्टम ने 10 मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया। बाकी बची 3 मिसाइलें सुनसान इलाकों में गिरीं, जिससे किसी भी तरह का कोई नुकसान या सैन्य ठिकाने पर हिट होने की खबर नहीं है। अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर ईरान की तरफ से आगे कोई भी जवाबी कार्रवाई की गई, तो अमेरिका की तरफ से बहुत बड़ा और कड़ा सैन्य जवाब दिया जाएगा।

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