अमेरिका ने ईरान के तीन कच्चे तेल के टैंकरों को बनाया निशाना, मिसाइल हमले का दिया कड़ा जवाब।

Nura Basta5 September 20262 min read52 viewsWorld
अमेरिका ने ईरान के तीन कच्चे तेल के टैंकरों को बनाया निशाना, मिसाइल हमले का दिया कड़ा जवाब।

अमेरिका के केंद्रीय कमान यानी यूएस सेंट्रल कमांड ने हाल ही में ईरान के खिलाफ बड़ी सैन्य कार्रवाई को अंजाम दिया है। 5 सितंबर 2026 को अमेरिकी सेना ने फारस की खाड़ी और उसके आस-पास के समुद्री इलाकों में ईरान के तीन कच्चे तेल के टैंकरों को पूरी तरह से तबाह और निष्क्रिय कर दिया। यह सैन्य कार्रवाई उस समय की गई जब इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्स यानी IRGC ने अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में गश्त लगा रहे दो अमेरिकी नौसेना के युद्धपोतों पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला कर दिया था। अमेरिकी सेना के अनुसार, इस हमले में एक विमान वाहक पोत और एक गाइडेड-मिसाइल विध्वंसक शामिल थे, जिन्होंने ईरान के इन सभी हमलों को सफलतापूर्वक टाल दिया और किसी भी अमेरिकी सैनिक को कोई नुकसान नहीं पहुंचा।

टैंकरों के खिलाफ की गई कड़ी कार्रवाई

ईरान के असफल हमलों के तुरंत बाद अमेरिकी सेना ने जवाबी कार्रवाई करते हुए आईआरजीसी के दो कच्चे तेल के टैंकरों को हमेशा के लिए बेकार कर दिया। इसमें पहला टैंकर एम/टी डाउनी था जो खारग द्वीप के तट के पास मौजूद था और दूसरा टैंकर एम/टी स्टार्क 1 था जो जास्क के पास स्थित था। इसके अलावा अमेरिकी बलों ने ओमान की खाड़ी में बिना तेल के खाली चल रहे कच्चे तेल के टैंकर एम/टी काइलो (जिसे 'नॉक्सें' के नाम से भी जाना जाता है) को पूरी तरह से नष्ट कर दिया। अमेरिकी सैनिकों ने इस जहाज के क्रू मेंबर को पहले ही सुरक्षित बाहर निकलने का आदेश दिया था और उसके बाद जहाज को कई संवेदनशील जगहों पर निशाना बनाकर पूरी तरह से अंचल और बेकार कर दिया गया।

करोड़ों डॉलर के शैडो नेटवर्क पर वार

अमेरिकी सैन्य अधिकारियों का कहना है कि ये तीनों कच्चे तेल के टैंकर किसी आम कारोबार का हिस्सा नहीं थे, बल्कि यह एक बहु-अरब डॉलर के गुप्त यानी शैडो नेटवर्क का हिस्सा थे। इस नेटवर्क का मुख्य काम आईआरजीसी और उसके क्षेत्रीय सहयोगियों को फंडिंग मुहैया कराना और उनका समर्थन करना था। अमेरिका ने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान के पास इन जहाजों की रक्षा करने के लिए जरूरी साधन और ताकत मौजूद नहीं थी। इस पूरी घटना के बाद से अंतरराष्ट्रीय समुद्री क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंताएं काफी बढ़ गई हैं और अधिकारी स्थिति पर लगातार कड़ी नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी भी तरह की अनहोनी से समय रहते निपटा जा सके।

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