अमेरिका में ट्रंप समर्थित चुनावी मानचित्र पर सुप्रीम कोर्ट की रोक, रिपब्लिकन पार्टी को बड़ा झटका

अमेरिका की राजनीति में इस समय एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है जहाँ देश के सुप्रीम कोर्ट ने मिसौरी राज्य में एक बड़ा फैसला सुनाते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप समर्थित नए कांग्रेस चुनावी मानचित्र को लागू करने की रिपब्लिकन पार्टी की कोशिश को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। इस अदालती फैसले के बाद से आने वाले नवंबर महीने में होने वाले बेहद महत्वपूर्ण मध्यावधि चुनाव के दौरान प्रतिनिधि सभा पर अपना नियंत्रण बनाए रखने की रिपब्लिकन रणनीति को एक बड़ा झटका लगा है क्योंकि वे किसी भी हाल में अपनी स्थिति को मजबूत करना चाहते थे।
सुप्रीम कोर्ट का संक्षिप्त आदेश और पुराने नक्शे की वापसी
सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी किए गए इस संक्षिप्त आदेश में किसी भी न्यायाधीश की तरफ से कोई असहमति दर्ज नहीं कराई गई है जिससे यह साफ हो जाता है कि अदालत का रुख इस मामले में बिल्कुल स्पष्ट था। इस ताज़ा फैसले के बाद अब यह पूरी उम्मीद बंध गई है कि मिसौरी राज्य में पुरानी जनगणना के आधार पर तैयार किए गए पुराने चुनावी नक्शे का ही इस्तेमाल किया जाएगा जिससे चुनावों में किसी तरह का नया फेरबदल नहीं होगा। आपको बता दें कि यह नया नक्शा बहुत ही सोची-समझी रणनीति के तहत तैयार किया गया था जिसका मुख्य उद्देश्य रिपब्लिकन पार्टी को राज्य की कुल आठ में से सात प्रतिनिधि सभा सीटों पर आसानी से जीत दर्ज करने में मदद करना था ताकि वे संसद में मजबूत हो सकें।
यह पूरा कानूनी विवाद ऐसे समय पर सामने आया है जब नवंबर में होने वाले आगामी चुनावों के लिए मतदाताओं को मतपत्र भेजे जाने की प्रक्रिया बहुत ही जल्द शुरू होने वाली है और प्रशासन इसकी तैयारियों में जुटा हुआ था। मिसौरी राज्य के भीतर चुनावी जिलों की सीमाओं को तय करने को लेकर पिछले एक साल से अधिक समय से लगातार कानूनी लड़ाई और विवाद चल रहा था जिसमें दोनों पक्ष अपनी-अपनी दलीलें दे रहे थे। इससे पहले देश की अदालत ने राज्य के रिपब्लिकन विदेश मंत्री डैनी हॉकिन्स को यह साफ आदेश दिया था कि वे किसी भी कीमत पर ट्रंप समर्थित नए नक्शे का इस्तेमाल नहीं करेंगे और पुरानी जनगणना के बाद से स्वीकृत हुए पुराने जिलों के आधार पर ही चुनाव संपन्न कराएंगे।
अदालती आदेश और अवमानना का मामला
हालाँकि इस मामले में स्थिति तब और ज्यादा उलझ गई जब संघीय जिला न्यायाधीश स्टीफन क्लार्क ने मंगलवार को विदेश मंत्री डैनी हॉकिन्स को यह सख्त आदेश दिया कि वे नए नक्शे के अलावा किसी भी अन्य नक्शे का इस्तेमाल बिल्कुल नहीं करेंगे जिससे असमंजस की स्थिति पैदा हो गई। इसके बाद राज्य के सुप्रीम कोर्ट ने अपने ही आदेश का पालन न करने के गंभीर आरोप लगाते हुए डैनी हॉकिन्स को गुरुवार के दिन अवमानना की सुनवाई के ठीक सामने पेश होने का कड़ा निर्देश जारी किया। इस दौरान मंत्री डैनी हॉकिन्स की कानूनी टीम की ओर से अदालत में इस चल रही सुनवाई को रोकने के लिए एक औपचारिक मांग की गई थी, जिसे न्यायाधीश स्टीफन क्लार्क ने सिरे से खारिज कर दिया।
गौरतलब है कि पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले साल ही देश के सभी रिपब्लिकन-शासित राज्यों से यह विशेष आग्रह किया था कि वे आने वाले मध्यावधि चुनाव से पहले प्रतिनिधि सभा के चुनावी जिलों की सीमाओं को पार्टी के राजनीतिक फायदे के लिए फिर से नए सिरे से निर्धारित करें। इस कड़ी में टेक्सास राज्य के बाद मिसौरी ऐसा दूसरा ऐसा रिपब्लिकन-शासित राज्य बना था जिसने इस तरह की चुनावी मानचित्र को बदलने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया था, जिस पर अब देश की सर्वोच्च अदालत ने पूरी तरह से रोक लगा दी है।