US का बड़ा ऐलान, 23 सितंबर से ईरानी एयरलाइंस की ग्लोबल उड़ानों पर पूरी तरह लगेगी रोक.

Praggya Singh sabal21 September 20263 min read38 viewsWorld
US का बड़ा ऐलान, 23 सितंबर से ईरानी एयरलाइंस की ग्लोबल उड़ानों पर पूरी तरह लगेगी रोक.

अमेरिका सरकार ने ईरान पर अपना आर्थिक शिकंजा और ज्यादा कस दिया है। अमेरिका की तरफ से यह ऐलान किया गया है कि आगामी 23 सितंबर 2026 तक सभी ईरानी एयरलाइंस अपनी वैश्विक उड़ानों को पूरी तरह से बंद करने के लिए मजबूर हो जाएंगी। इस सख्त फैसले के पीछे अमेरिकी प्रशासन का कड़ा आर्थिक दबाव बनाने का अभियान मुख्य वजह है। अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी Scott Bessent ने 21 सितंबर 2026 को यह स्पष्ट रूप से कंफर्म किया कि अगर कोई भी कंपनी या संस्था ईरानी विमानों को जरूरी सेवाएं देगी, तो उन्हें बहुत भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।

इन जरूरी सेवाओं में मुख्य रूप से ईंधन यानी फ्यूल, लैंडिंग और टिकट बिक्री जैसी चीजें शामिल हैं। जो भी व्यक्ति या संस्था इन नियमों का उल्लंघन करेगी, उसे अमेरिकी डॉलर आधारित वित्तीय प्रणाली से हमेशा के लिए बाहर कर दिया जाएगा। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग की इस बड़ी कार्रवाई की जानकारी उनकी आधिकारिक US Treasury Press Release वेबसाइट पर भी साझा की गई है। यह ताजा कदम ठीक उस अभियान के बाद उठाया गया है जिसकी शुरुआत 24 अगस्त 2026 को 'Operation Economic Outcast' के नाम से की गई थी। इसके अलावा 8 सितंबर 2026 को कुल 36 ठिकानों पर कड़े प्रतिबंध लगाए गए थे, जिनमें 27 ईरानी एयरलाइंस और दूसरे देशों के कई मददगार लोग शामिल थे।

किन एयरलाइंस पर गिरी है गाज और क्या हैं नए नियम

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अमेरिकी प्रतिबंधों की इस लिस्ट में कई बड़ी ईरानी एयरलाइंस के नाम शामिल हैं। इन कंपनियों में Iran Aseman Airlines, Iran Airtour, Kish Airlines, Qeshm Air, Karun Airlines, Sepehran Airlines, Taban Airlines, Varesh Airlines, Zagros Airlines, Chabahar Airlines, Fly Persia, Saha Airlines, Air Shiraz, Ava Airlines, Fly Kish, Mehr Airways, Raimon Airways और Soroush Air के नाम मुख्य रूप से आते हैं। अमेरिकी ट्रेजरी की फाइनेंशियल क्राइम्स एनफोर्समेंट नेटवर्क यानी FinCEN ने दुनिया भर के वित्तीय संस्थानों के लिए एक जरूरी चेतावनी जारी की है। इस चेतावनी में कहा गया है कि सभी बैंक और वित्तीय संस्थान इन विमान कंपनियों की मदद करने वाले खरीद नेटवर्क पर कड़ी नजर रखें और उसकी रिपोर्ट दें।

इसके साथ ही, जनरल लाइसेंस J-1 को भी सस्पेंड कर दिया गया है। इसका मतलब यह है कि अब अमेरिकी कलपुर्जों से बने विमानों या अमेरिकी सामान वाले जहाजों की मरम्मत, उन्हें ईंधन देने और विमान सुरक्षा से जुड़े कामों के लिए खास लाइसेंस लेना जरूरी होगा। स्टेट डिपार्टमेंट के प्रवक्ता Tommy Pigott ने यह बात फिर से दोहराई है कि ईरानी शासन के वित्तीय स्रोतों को पूरी तरह से खत्म करना उनका मुख्य लक्ष्य है। ट्रेजरी सेक्रेटरी Scott Bessent ने चीन के बड़े अधिकारियों के साथ भी इस बारे में लंबी बातचीत की है, जिसमें चीन के वाइस प्रीमियर He Lifeng और पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना के गवर्नर Pan Gongsheng शामिल थे, ताकि इन प्रतिबंधों का पूरी तरह से पालन सुनिश्चित किया जा सके।

अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर दिखने लगा है असर

इस फैसले का असर अब पूरी दुनिया में साफ-साफ दिखाई देने लगा है। 21 सितंबर 2026 तक तुर्की ने ग्राउंड सर्विसेज देने वाली कंपनियों पर दबाव बढ़ने के बाद Mahan Air की उड़ानों को सस्पेंड करना शुरू कर दिया है। इसके अलावा महान एयर ने खुद भी ओमान और जॉर्जिया के लिए अपनी उड़ानों को बंद करने की पुष्टि कर दी है। तय किए गए नियमों के मुताबिक 23 सितंबर 2026 आखिरी तारीख है, जिसके बाद विमानों के ऊपर से गुजरने यानी ओवरफ्लाइट्स और इमरजेंसी लैंडिंग फीस से जुड़े लाइसेंस पूरी तरह से खत्म हो जाएंगे।

दूसरी तरफ, ईरान के सिविल एविएशन ऑर्गेनाइजेशन के प्रमुख Abuzar Shiroudi ने अमेरिका के इन सभी उपायों को खारिज कर दिया है। उन्होंने इन प्रतिबंधों को एक नाकाम नीति की पुरानी पुनरावृत्ति बताया है और यह दावा किया है कि भले ही खर्चे बढ़ जाएं, लेकिन उनका एविएशन उद्योग अपना काम जारी रखेगा। इस तरह की अंतरराष्ट्रीय पाबंदियों से उन मुसाफिरों को थोड़ी परेशानी जरूर हो सकती है जो इन रास्तों से सफर करते हैं, लेकिन फिलहाल अमेरिकी प्रशासन अपने रुख पर पूरी तरह से कायम नजर आ रहा है।

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