अमेरिका की सख्त चेतावनी, ईरान की सभी उड़ानों पर लग सकता है वैश्विक प्रतिबंध

अमेरिका के ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने एक बड़ा बयान देते हुए कहा है कि ईरान की सभी एयरलाइंस को दुनिया भर में पूरी तरह से बंद किया जा सकता है। वॉशिंगटन की तरफ से उन विदेशी कंपनियों और एयरपोर्ट्स पर कड़े प्रतिबंध लगाने की तैयारी चल रही है, जो ईरान के विमानों को किसी भी तरह की सेवा दे रही हैं। इस नए फैसले से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर बड़ा असर पड़ने की पूरी उम्मीद है और इसका असर उन लोगों पर भी पड़ सकता है जो इन एयरलाइंस के जरिए सफर करते हैं।
कड़े प्रतिबंधों का नया दायरा
इस चेतावनी का दायरा सिर्फ ईरान की एयरलाइंस तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसमें विदेशी एयरपोर्ट्स, फ्यूल सप्लायर यानी ईंधन देने वाली कंपनियां, टिकट बेचने वाली कंपनियां और दूसरे तमाम बिजनेस भी शामिल हैं जो इन विमानों के संचालन में मदद करते हैं। अमेरिकी प्रशासन की तरफ से साफ कर दिया गया है कि अगर कोई भी कंपनी इन नियमों का पालन नहीं करेगी और ईरान के विमानों को ईंधन देगी, लैंडिंग की सुविधा देगी या फिर उनके टिकट बेचेगी, तो उन्हें अमेरिकी डॉलर सिस्टम से बाहर कर दिया जाएगा। यानी उन कंपनियों पर सीधे तौर पर वित्तीय पाबंदियां लग जाएंगी।
ईरान के विमानन क्षेत्र पर पुराना संकट
अल जज़ीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, यह पूरी कार्रवाई अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन द्वारा ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा है। ईरान का विमानन क्षेत्र पहले से ही अमेरिकी प्रतिबंधों की वजह से काफी मुश्किलों का सामना कर रहा है। इन पुरानी पाबंदियों के कारण ईरानी एयरलाइंस के लिए नए विमान खरीदना, स्पेयर पार्ट्स हासिल करना और विमानों की सही से देखरेख करना बेहद मुश्किल हो गया था। अब इस नए कदम से ईरान के विमानों के लिए दुनिया के किसी भी कोने में उड़ान भरना लगभग असंभव सा हो जाएगा।
चीन के साथ बातचीत और कूटनीतिक पहलू
यह ताजा चेतावनी अमेरिकी ट्रेजरी सचिव Scott Bessent की चीन के अधिकारियों के साथ हुई बैठकों के तुरंत बाद सामने आई है। चीन ईरान के प्रमुख आर्थिक साझीदारों में से एक है और कूटनीतिक रूप से भी तेहरान का समर्थन करता रहा है। ऐसे में ईरान के वित्तीय नेटवर्क को रोकने के लिए वॉशिंगटन को बीजिंग का सहयोग बेहद जरूरी लगता है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि चीनी पक्ष के साथ इस मामले पर सकारात्मक बातचीत चल रही है और वे अमेरिकी प्रतिबंधों के नियमों का पालन करने को लेकर चर्चा कर रहे हैं।