UAE और तुर्किये का कड़ा एक्शन, ईरान की उड़ानों पर रोक और बैंकों के लाइसेंस रद्द.

संयुक्त राष्ट्र और अमेरिकी नीतियों के बीच ईरान पर शिकंजा कसना शुरू हो गया है। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के सचिव Scott Bessent ने शनिवार, 26 सितंबर 2026 को यह बड़ा एलान किया कि ईरान के खिलाफ चल रहा आर्थिक दबाव अभियान अब अपने रंग दिखा रहा है। अमेरिका की इस सख्त रणनीति का असर अब खाड़ी देशों और वैश्विक स्तर पर साफ तौर पर दिखाई देने लगा है, जिससे ईरान की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं।
ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट और वैश्विक कार्रवाई
अमेरिका ने अगस्त 2026 में Operation Economic Outcast नाम से एक बड़ा और अभूतपूर्व अभियान शुरू किया था। इस सरकारी स्तर के अभियान का मुख्य उद्देश्य तेल तस्करी, प्रतिबंधों से बचने के रास्तों और आतंकवाद को मिलने वाली फंडिंग के नेटवर्क को पूरी तरह से नेस्तनाबूद करना है। अमेरिकी ट्रेजरी अधिकारियों को दुनिया भर के देशों में भेजा गया है ताकि विदेशी सरकारों से मिलकर ईरानी शासन के वित्तीय स्रोतों को काटा जा सके, जिसमें इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC को मिलने वाली मदद भी शामिल है।
UAE और तुर्किये में ईरानी विमानों और बैंकों पर बड़ा एक्शन
इस अमेरिकी दबाव के बाद ट्रेजरी विभाग ने यह अनिवार्य कर दिया था कि 23 सितंबर 2026 तक सभी ईरानी एयरलाइंस को दुनिया भर में जमीन पर उतार दिया जाए यानी उनके संचालन पर रोक लगाई जाए। जिन कंपनियों या संस्थाओं ने इन प्रतिबंधित विमानों को ईंधन, लैंडिंग की सुविधा या टिकट बिक्री की सेवा दी, उन्हें वैश्विक वित्तीय प्रणाली से पूरी तरह काटने की चेतावनी दी गई थी। इसी कड़े कदम के चलते Turkey, Oman और United Arab Emirates (UAE) ने Mahan Air समेत सभी ईरानी विमानों की उड़ानों को अपने यहाँ रोक दिया है। इसके अलावा, तुर्किये ने हाल ही में ईरान के Bank Mellat का लाइसेंस रद्द कर दिया है। वहीं दूसरी ओर, 24 सितंबर 2026 को यूएई के केंद्रीय बैंक ने मनी लॉन्ड्रिंग और एंटी-प्रोलिफरेशन कानूनों के उल्लंघन का हवाला देते हुए Bank Melli की शाखाओं के सभी लेन-देन पर रोक लगा दी है। अमेरिका की इस पूरी मुहिम के बारे में अधिक जानकारी US Treasury Department Press Release पर देखी जा सकती है।
ईरान की घरेलू अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर
इन अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों और सख्त फैसलों का सीधा असर ईरान की घरेलू अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। ईरान के केंद्रीय बैंक के गवर्नर Abdolnaser Hemmati ने 26 सितंबर 2026 को यह जानकारी दी कि सितंबर महीने में वहां की पॉइंट-टू-पॉइंट महंगाई दर बढ़कर 83.8 प्रतिशत पर पहुंच गई है, जबकि मासिक महंगाई दर 3.9 प्रतिशत दर्ज की गई है। देश के बड़े अर्थशास्त्रियों का यह अनुमान है कि साल के अंत तक यह पॉइंट-टू-पॉइंट महंगाई दर बढ़कर 99 प्रतिशत तक जा सकती है। इन तमाम आर्थिक दबावों के बीच, ईरानी विदेश मंत्री Abbas Araghchi और राष्ट्रपति Pezeshkian ने होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर कूटनीतिक समाधान निकालने की इच्छा जताई है, हालांकि ईरान के सशस्त्र बलों ने अमेरिका को इस क्षेत्र में सीधा दखल देने के खिलाफ कड़ी चेतावनी भी दी है। इस पूरी घटनाक्रम की विस्तृत रिपोर्ट ANI News पर प्रकाशित की गई है।