अमेरिका ने Palestine Action को घोषित किया ग्लोबल आतंकी संगठन, यूके के हथियार निर्माता को बनाता था निशाना

बुधवार, 26 अगस्त 2026 को अमेरिका के वित्त विभाग यानी United States Department of the Treasury ने बड़ा कदम उठाया है। विभाग की संस्था Office of Foreign Assets Control (OFAC) ने आधिकारिक तौर पर Palestine Action समूह को 'Specially Designated Global Terrorist' (SDGT) के रूप में ब्लैकलिस्ट कर दिया है। यह कार्रवाई आतंकवाद विरोधी कानून Executive Order (E.O.) 13224 के तहत की गई है, जिसके बाद इस संगठन का नाम ओफैक्स की SDN List में जोड़ दिया गया है।
इस बैन के बाद Palestine Action की जितनी भी संपत्ति और अधिकार अमेरिका के अधिकार क्षेत्र में आते हैं, उन सबको पूरी तरह से ब्लॉक कर दिया गया है। इसके साथ ही अमेरिका के किसी भी नागरिक को इस संगठन के साथ किसी भी तरह का लेन-देन करने या व्यापारिक संबंध रखने की सख्त मनाही कर दी गई है। इस बारे में अधिक जानकारी अमेरिकी वित्त विभाग की आधिकारिक वेबसाइट Treasury Press Release पर देखी जा सकती है। इसके अलावा कानूनी और प्रशासनिक विवरण Federal Register पर भी उपलब्ध कराए गए हैं।
वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट का कड़ा बयान
अमेरिका के वित्त मंत्री Scott Bessent ने इस मामले पर बात करते हुए साफ कहा कि यह फैसला उन सभी चरमपंथियों और उनका समर्थन करने वालों के लिए एक बड़ी चेतावनी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि समाज में राजनीतिक आतंकवाद के लिए कोई जगह नहीं है और अमेरिकी सरकार ऐसे संगठनों के वित्तीय स्रोतों को पूरी तरह से खत्म करने के लिए अपने सभी आर्थिक हथियारों का इस्तेमाल करेगी। मंत्री ने यह भी बताया कि साल 2026 U.S. Counterterrorism Strategy के तहत हिंसक वामपंथी आतंकवादी समूहों को देश की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा माना गया है।
ब्रिटिश संगठन की पृष्ठभूमि और अन्य प्रतिबंध
अगर बात करें Palestine Action की तो यह एक ब्रिटिश डायरेक्ट एक्शन नेटवर्क है जिसकी स्थापना साल 2020 में हुई थी। यह समूह मुख्य रूप से यूनाइटेड किंगडम में स्थित इजरायली हथियार निर्माता कंपनी Elbit Systems को अपना निशाना बनाता था। इस संगठन का मुख्य उद्देश्य इजरायल की नीतियों के खिलाफ वैश्विक स्तर पर विरोध जताना था। हालांकि, ब्रिटिश सरकार ने जुलाई 2025 में ही आतंकवाद अधिनियम के तहत इस समूह को पहले ही प्रतिबंधित कर दिया था, लेकिन ब्रिटेन के सुप्रीम कोर्ट ने 30 जुलाई 2026 को यह घोषणा की थी कि वह इस प्रतिबंध के खिलाफ दायर की गई अपील पर सुनवाई करेगा।
केवल Palestine Action ही नहीं, बल्कि OFAC ने 26 अगस्त 2026 को दो अन्य संगठनों पर भी कड़े प्रतिबंध लगाए हैं। इनमें इटली का समूह Autistici Inventati और एक अंतरराष्ट्रीय समूह Masar Badil शामिल हैं। इन दोनों संगठनों पर हिंसक वामपंथी आतंकी नेटवर्क को समर्थन देने और मदद पहुंचाने के गंभीर आरोप तय किए गए हैं। अमेरिकी प्रशासन की तरफ से उठाए गए इन कदमों से साफ जाहिर होता है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस तरह की गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए अब आर्थिक और कानूनी शिकंजा और ज्यादा कस दिया गया है।