US Treasury: अमेरिका का ईरान पर बड़ा शिकंजा, एविएशन और डिजिटल एसेट सेक्टर पर लग सकते हैं नए प्रतिबंध

अमेरिका ने ईरान की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ाने के लिए अपनी कमर कस ली है और आने वाले दिनों में कई नए प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। अमरीकी ट्रेजरी सेक्रेटरी Scott Bessent ने हाल ही में फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में यह जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि सरकार ईरान के एविएशन, मैरीटाइम और डिजिटल एसेट सेक्टर को पूरी तरह से घेरने की तैयारी कर रही है। उत्तरी कैरोलिना में जी20 मीटिंग के बाद यह बयान सामने आया, जिसमें अमरीकी सरकार ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान की मदद करने वाले लोगों और कंपनियों को चेतावनी भी दी है। इस पूरी नीति का मकसद ईरान के उन रास्तों को बंद करना है, जिनसे उसे आर्थिक मदद मिल रही है।
ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट और नए नियम
अमरीकी ट्रेजरी डिपार्टमेंट ने पिछले महीने 24 अगस्त 2026 को Operation Economic Outcast की शुरुआत की थी। इस बड़े वित्तीय अभियान का मुख्य उद्देश्य ईरान की आर्थिक ताकतों को कमजोर करना है। इस अभियान के तहत ट्रेजरी डिपार्टमेंट ने शिपिंग, टेक्नोलॉजी और गोल्ड इंडस्ट्री पर शिकंजा कसा है। इसके अलावा OFAC (Office of Foreign Assets Control) को यह अधिकार दे दिया गया है कि वह दुनिया भर की उन कंपनियों पर कड़ी कार्रवाई करे जो ईरान के इन Sectors को अपनी सेवाएं दे रही हैं। अमरीकी प्रशासन का यह भी कहना है कि वे उन पांच नए नियमों का इस्तेमाल कर रहे हैं, जो इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़ी संपत्तियों पर नजर रखते हैं। अधिकारियों का आरोप है कि IRGC प्रतिबंधों से बचने के लिए डिजिटल करेंसी का इस्तेमाल कर रहा है।
UAE की बैंक और एयरलाइन कंपनियों पर भी नजर
इस सख्ती के बीच खाड़ी देशों से जुड़ा एक बड़ा मामला भी सामने आया है। फाइनेंशियल क्राइम्स एनफोर्समेंट नेटवर्क ने 28 अगस्त 2026 को एक नया नियम प्रस्तावित किया, जिसमें यूएई यानी UAE में स्थित Banque Misr की ब्रांच को निशाना बनाया गया है। इस बैंक पर आरोप है कि उसने ईरानी शासन के लिए 1.8 बिलियन डॉलर की राशि को इधर-उधर करने में मदद की। इसके अलावा सेक्रेटरी स्कॉट बेसेन्ट ने 1 सितंबर 2026 को यह भी साफ किया कि एयरलाइन लीजिंग कंपनियों को भी विशेष रूप से टारगेट किया जा रहा है। आने वाले हफ्तों में ईरानी बैंकों के खिलाफ प्रतिबंधों को पूरी तरह अंतिम रूप दिया जाएगा। अमरीका ने यह भी साफ कर दिया है कि जो देश अमरीकी नियमों का पालन नहीं करेंगे, उन्हें डॉलर सिस्टम से बाहर किया जा सकता है।
शैक्षणिक और सांस्कृतिक लाइसेंस निलंबित
तनाव के इस माहौल में OFAC ने 24 अगस्त 2026 से कई सामान्य लाइसेंसों को भी निलंबित कर दिया है। इसका असर शैक्षणिक, खेल और akademik एक्सचेंजों पर पड़ा है। हालांकि सरकार ने इन सभी चीजों को पूरी तरह बंद करने के लिए 8 सितंबर 2026 तक का समय दिया था ताकि लोग अपने कामकाज समेट सकें। दूसरी तरफ, ईरान के इकोनॉमी मिनिस्टर Ali Madanizadeh ने अमरीका के इन सभी कदमों को सिरे से खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि तेहरान के पास अमरीकी वित्तीय प्रतिबंधों से निपटने के लिए दो साल की एक ठोस रणनीति तैयार है, जिससे वे इन पाबंदियों का असर कम कर लेंगे। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए आप US Treasury Press Release और OFAC Sanctions Program पर जा सकते हैं।