अमेरिका ने ईरान को दी कड़ी चेतावनी, कहा घरेलू जरूरतों पर ध्यान दें और आतंकी गुटों को पैसा देना बंद करें.

अमेरिका के वित्त सचिव Scott Bessent ने ईरान की सरकार को सोशल मीडिया के जरिए एक बहुत ही सख्त संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि एक तरफ जहां ईरान के आम नागरिक खाने-पीने और बुनियादी जरूरतों के लिए संघर्ष कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ वहां की सरकार विदेशों में बेहिसाब पैसा पानी की तरह बहा रही है। 27 अगस्त 2026 को दिए गए इस बयान में उन्होंने तेहरान सरकार से अपील की कि वह आतंकवादी प्रॉक्सी गुटों को मिलने वाले अरबों डॉलर को तुरंत बंद करे और उस पैसे को अपने ही देश के नागरिकों की भलाई पर खर्च करे। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए आप US Treasury Official Website पर जा सकते हैं। यह कदम अमेरिकी प्रशासन के उस अभियान का हिस्सा है जिसे Operation Economic Outcast नाम दिया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य ईरानी अर्थव्यवस्था को कमजोर करना और उनके वित्तीय रास्तों को पूरी तरह से काटना है।
व्हाइट हाउस का बड़ा बयान और कड़े प्रतिबंध
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव Karoline Leavitt ने भी 27 अगस्त 2026 को साफ कर दिया कि फिलहाल अमेरिका और ईरान के बीच किसी भी तरह की कोई बातचीत नहीं चल रही है। उन्होंने दो टूक कहा कि अमेरिका के लिए अभी भी सभी विकल्प खुले हुए हैं। अमेरिका ने अपनी सख्ती को बढ़ाते हुए पांच प्रमुख ईरानी सेक्टरों पर नए प्रतिबंध लगा दिए हैं, जिनमें डिजिटल एसेट्स, टेक्नोलॉजी, गोल्ड, एविएशन और शिपिंग शामिल हैं। इसके साथ ही अमेरिका ने यह चेतावनी भी जारी की है कि जो भी व्यक्ति या संस्था ईरान के लिए मनी लॉन्ड्रिंग करने में मदद करेगी, उसे अमेरिकी डॉलर सिस्टम से हमेशा के लिए बाहर कर दिया जाएगा। इस नीति से जुड़ी अन्य प्रशासनिक जानकारियों को देखने के लिए US Treasury Department की आधिकारिक वेबसाइट पर विजिट किया जा सकता है।
ईरान का पलटवार और क्षेत्रीय तनाव
अमेरिका के इन कड़े कदमों के जवाब में ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने संयुक्त राष्ट्र में औपचारिक रूप से अपनी शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने अमेरिका पर डराने-धमकाने और आतंकवाद को बढ़ावा देने का गंभीर आरोप लगाया है। दूसरी ओर, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC ने यह ऐलान किया है कि जब तक अमेरिका अपनी शर्तें वापस नहीं लेता, तब तक होर्मुज जलडमरूमध्य यानी Strait of Hormuz को आवाजाही के लिए प्रतिबंधित रखा जाएगा। ईरान के उप उपराष्ट्रपति Mohammad Jafar Qassem-Panah ने देश के अंदर पड़ रहे बुरे प्रभावों का जिक्र करते हुए बताया कि अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी की वजह से देश में जरूरी ईंधन का आयात पूरी तरह से रुक गया है। वहीं ईरानी संसद के अध्यक्ष Mohammad Baqer Qalibaf ने अमेरिका की इस आर्थिक नीति को केवल बड़ी बातें करार दिया और साथ ही यह भी कहा कि उन्हें चीन का पूरा समर्थन मिल रहा है, जिसने खुले तौर पर अमेरिका के इन नए नियमों को मानने से मना कर दिया है। व्हाइट हाउस की कैबिनेट से जुड़ी जानकारियों के लिए आप White House Official Portal को देख सकते हैं।