अमेरिका ने कच्चे तेल की कीमतों को लेकर किया बड़ा दावा, कहा ईरान युद्ध थमते ही 40 से 50 डॉलर तक आ जाएगा भाव.

अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेन्ट ने ग्लोबल मार्केट में तेल की बढ़ती कीमतों के बीच एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने 4 सितंबर 2026 को एक पॉडकास्ट के दौरान यह भविष्यवाणी की कि जैसे ही ईरान के साथ चल रहा मौजूदा संघर्ष समाप्त होगा, कच्चे तेल की कीमतें भारी गिरावट के बाद 40 से 50 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर आ सकती हैं। उनके अनुसार, इस युद्ध के खत्म होने के बाद बाजार में तेल की सप्लाई बहुत ज्यादा हो जाएगी, जिससे दाम तेजी से नीचे गिरेंगे। मौजूदा समय में वैश्विक बाजारों में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत लगभग 97 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच चुकी है, जिससे आम जनता की जेब पर भारी असर पड़ रहा है।
ईरान संघर्ष और रूसी रिफाइनरी पर हमलों का असर
अमेरिकी अधिकारियों ने दुनिया भर में फैली इस ऊर्जा समस्या के पीछे मुख्य रूप से ईरान के साथ तनाव और यूक्रेन द्वारा रूसी ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर किए गए हमलों को जिम्मेदार ठहराया है। फॉक्स न्यूज पर बात करते हुए स्कॉट बेसेन्ट ने बताया कि यूक्रेन के हमलों की वजह से रूस की तेल रिफाइनिंग क्षमता का 30% हिस्सा बेकार हो चुका है। जी20 वित्त मंत्रियों के सम्मेलन में हिस्सा लेते समय बेसेन्ट ने रूसी वित्त मंत्री एंटोन सिलुआनोव के साथ अपनी सीधी बातचीत का बचाव किया और घरेलू आलोचनाओं के बावजूद इसे जरूरी संवाद बताया।
आम आदमी पर महंगाई की मार और डीजल के रिकॉर्ड दाम
ईंधन की इन ऊंची कीमतों का सीधा असर घरेलू बाजार और आम आदमी पर पड़ रहा है। अमेरिका में डीजल की कीमतें बढ़कर 5.85 डॉलर प्रति गैलन के ऐतिहासिक रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गईं और नियमित पेट्रोल का राष्ट्रीय औसत लगभग 4.15 डॉलर प्रति गैलन के करीब चल रहा है। इन तमाम आर्थिक दबावों के बीच अमेरिकी सरकार ने ईरान के खिलाफ अपनी कार्रवाई को और तेज कर दिया है। ट्रेजरी विभाग ने 4 सितंबर को ईरान से जुड़े एक और बैंक पर प्रतिबंध लगा दिया और आने वाले हफ्तों में और अधिक पाबंदियां लगाए जाने की पूरी संभावना है। इसके अलावा, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने पुष्टि की है कि मध्य पूर्व में कमर्शियल जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी विकल्प अभी भी खुले रखे गए हैं।
राष्ट्रपति ट्रंप का ऊर्जा लागत कम करने पर जोर
व्हाइट हाउस की प्रवक्ता टेलर रोजर्स ने जानकारी दी कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ऊर्जा की लागत को कम करने पर लगातार ध्यान दे रहे हैं। उन्होंने यह भी भरोसा जताया कि जैसे ही अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपना पूरा नियंत्रण बनाए रखेगा, तेल की कीमतें वापस युद्ध से पहले के स्तर पर लौट आएंगी। यह उम्मीद राष्ट्रपति ट्रंप के उस पुराने आकलन के बाद आई है जिसमें उन्होंने 2 सितंबर को कहा था कि ईरान के खिलाफ उनका नया अभियान बहुत कम समय का होगा। अमेरिकी ऊर्जा सूचना प्रशासन (EIA) की पिछली रिपोर्ट के अनुसार, 2026 की तीसरी तिमाही के लिए ब्रेंट क्रूड की औसत हाजिर कीमत 85 डॉलर प्रति बैरल रहने का अनुमान लगाया गया था, हालांकि बाजार की बदली हुई वास्तविकताओं ने इन आंकड़ों को पीछे छोड़ दिया है। इस पूरी रिपोर्ट और आधिकारिक आंकड़ों की अधिक जानकारी के लिए आप U.S. Energy Information Administration (EIA) की आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं।