सऊदी अरब के लिए 5 अरब डॉलर की हथियारों की डील मंजूर, अमेरिका ने ईरान संघर्ष को बताया छोटा मामला

Nura Basta4 September 20262 min read31 viewsSaudi
सऊदी अरब के लिए 5 अरब डॉलर की हथियारों की डील मंजूर, अमेरिका ने ईरान संघर्ष को बताया छोटा मामला

अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने शुक्रवार, 4 सितंबर 2026 को ईरान के साथ चल रहे सैन्य संघर्ष को एक छोटा मामला करार दिया है। उन्होंने कहा कि इस संघर्ष में अब तक उनके 18 अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं। राष्ट्रपति ने इस आंकड़े की तुलना वियतनाम युद्ध के दौरान हुई 100,000 मौतों से की, हालांकि आधिकारिक अमेरिकी रिकॉर्ड के मुताबिक वियतनाम युद्ध में 58,220 लोगों की जान गई थी। अमेरिकी सेना की कार्रवाई को बीच-बीच में होने वाली कार्रवाई बताते हुए उन्होंने पिकैक्स माउंटेन पर बहुत जल्द हमला करने की धमकी दी है। इस पहाड़ी को Kuh-e Kolang Gaz La के नाम से भी जाना जाता है और ऐसा माना जाता है कि यहाँ नतांज फैसिलिटी के पास यूरेनियम को समृद्ध करने वाली भूमिगत सुरंगें मौजूद हैं।

सऊदी अरब के साथ हथियारों की बड़ी डील

अमेरिकी प्रशासन के रुख को आगे बढ़ाते हुए उपराष्ट्रपति JD Vance ने कहा कि वह इस स्थिति को युद्ध की श्रेणी में नहीं रखेंगे। उन्होंने ईरान के उन दावों पर गहरी नाराजगी जताई जिसमें कहा गया था कि अमेरिकी हमले में एक शादी समारोह को निशाना बनाया गया था। उन्होंने साफ किया कि अमेरिकी सेना कभी भी जानबूझकर नागरिकों पर हमला नहीं करती है। इस बीच, क्षेत्रीय स्तर पर तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है, जिसमें हाल ही में यह खबरें भी सामने आईं कि ईरान ने गुरुवार को कुवैत पर गोलीबारी की थी। क्षेत्रीय खतरों से निपटने के लिए अमेरिकी विदेश विभाग ने 4 सितंबर को सऊदी अरब के लिए 5 अरब डॉलर के हथियार बेचने की मंजूरी की घोषणा की, जिसके तहत सऊदी को बम, गाइडेंस किट और अन्य सैन्य उपकरण दिए जाएंगे।

क्षेत्रीय तनाव और आर्थिक असर

दूसरी ओर, इजराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने 3 सितंबर को यह भरोसा जताया कि ईरानी शासन जल्द ही गिर सकता है। इस बढ़ते तनाव का असर अब आम लोगों की जेब पर भी पड़ने लगा है। लेबर डे की छुट्टियों से ठीक पहले डीजल की कीमतें बढ़कर रिकॉर्ड $5.85 प्रति गैलन पर पहुंच गईं, जबकि होर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाला यातायात अभी भी काफी हद तक प्रभावित है। इस रास्ते को सामान्य बनाने के लिए कूटनीतिक प्रयास भी जारी हैं, जिसके तहत ईरान और ओमान के विदेश मंत्रियों के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य में एक अस्थायी शिपिंग कॉरिडोर बनाने को लेकर बातचीत चल रही है ताकि क्षेत्र में व्यापार और आवाजाही को कुछ राहत मिल सके।

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