अमेरिका ने ईरान के सामने रखी बड़ी शर्त, होर्मुज जलडमरूमध्य में हमले बंद होने पर ही होगी बात.

अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने 3 सितंबर 2026 को साफ कर दिया है कि जब तक ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य में कमर्शियल जहाजों पर हमले बंद नहीं करता, तब तक अमेरिका उसके साथ कोई बातचीत नहीं करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका के पास कूटनीतिक, आर्थिक, सैन्य और गुप्त दबाव बनाने के सभी विकल्प खुले हैं। उनका मानना है कि शिपिंग पर हो रहे इन हमलों की वजह से ही पेट्रोल और डीजल के दाम काफी बढ़ गए हैं। अमेरिका का कहना है कि ईरान ने पहले वादा किया था कि वह हमले रोक देगा, लेकिन उसने फिर से अपनी हरकतें शुरू कर दी हैं।
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इस संघर्ष को खत्म करने की बात कही है। उनका सोचना है कि लगातार आर्थिक दबाव डालने से ईरान का परमाणु कार्यक्रम खत्म हो सकता है या वहां की सरकार गिर सकती है। अमेरिका किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है और उसने हाल ही में होर्मुज के पास ईरान के हथियारों को नष्ट किया है। अमरीकी सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM ने 1 सितंबर 2026 को एयर डिफेंस साइट्स, रडार सिस्टम, समुद्री जहाजों और माइंस बिछाने की क्षमताओं पर हमले किए थे। इन हमलों में पहली बार सीधे तौर पर दो ईरानी सरकारी टैंकरों को भी निशाना बनाया गया था।
खाड़ी देशों पर ड्रोन और मिसाइल हमले
उसी दिन यानी 3 सितंबर 2026 को इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC ने बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य में बारूदी सुरंगों की चपेट में आने से दो तेल के टैंकरों में आग लग गई। ईरान के Persian Gulf Strait Authority ने 11 और जहाजों को अपने नॉन-कॉम्पलाइंट लिस्ट में डाल दिया है, जिससे अब ऐसे जहाजों की कुल संख्या 57 हो गई है, जिन पर जब्ती या जुर्माने का खतरा मंडरा रहा है। दूसरी तरफ, सऊदी अरब ने पुष्टि की कि 1 सितंबर 2026 को उसके तेल टैंकर SIDR पर हुए हमले में दो फिलीपिनी नाविकों की मौत हो गई।
क्षेत्र में हालात तब और खराब हो गए जब ईरान ने 3 सितंबर 2026 को कुवैत और बहरीन पर ड्रोन से हमले किए। कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने इस कदम को खुली आक्रामकता करार दिया है। इस संघर्ष की शुरुआत से अब तक कुल 77 समुद्री घटनाएं दर्ज हो चुकी हैं, जिनमें 19 लोगों की जान जा चुकी है। जहाजों की आवाजाही पर बहुत बुरा असर पड़ा है। 2 सितंबर को सिर्फ 4 जहाज इस जलडमरूमध्य से गुजर पाए, जबकि पहले रोज औसतन 13 जहाज निकलते थे। उधर, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघाई ने दावा किया कि अमेरिका के एक हमले में एक शादी समारोह के दौरान चार लोगों की मौत हो गई और 60 से ज्यादा लोग घायल हो गए। हालांकि, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया है।