ईरान अभियान को फॉरएवर वॉर बताने से उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का इनकार, ट्रंप प्रशासन ने भेजा प्रस्ताव

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि ईरान अभियान कोई 'फॉरएवर वॉर' नहीं है। ट्रंप प्रशासन ने प्रतिबंध हटाने के बदले प्रस्ताव भेजा है।

Gautam Sahu30 October 20262 min read0 viewsWorld
ईरान अभियान को फॉरएवर वॉर बताने से उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का इनकार, ट्रंप प्रशासन ने भेजा प्रस्ताव

वॉशिंगटन: अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान का बचाव करते हुए कहा है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस संघर्ष को 'फॉरएवर वॉर' यानी कभी न खत्म होने वाले युद्ध में नहीं बदलने देंगे। अमेरिका इस समय तेहरान पर सैन्य और आर्थिक दबाव बनाए हुए है, जबकि मध्य पूर्व में उसकी भूमिका को लेकर आलोचनाएं जारी हैं।

पेंटागन के आंकड़ों के मुताबिक, 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल के हमलों से शुरू हुए इस युद्ध पर 16 अक्टूबर 2026 तक अमेरिका ने 47.1 अरब डॉलर खर्च किए हैं।

राजनयिक स्तर पर 28 अक्टूबर 2026 को उपराष्ट्रपति वेंस ने राष्ट्रपति ट्रंप की ओर से ईरान के सुरक्षा प्रमुख मोहसेन रजाई को एक पत्र भेजा। इसमें प्रस्ताव दिया गया है कि अगर ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम से जुड़ी शर्तों को मानता है, तो सात दिनों के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने के बदले अमेरिका प्रतिबंधों में राहत देगा।

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ईरान ने इस पत्र के मिलने की बात तो कही है, लेकिन अभी तक कोई आधिकारिक जवाब नहीं दिया है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने 29 अक्टूबर 2026 को बताया कि तेहरान अभी भी राजनयिक समाधान चाहता है और वह कतर और पाकिस्तान के मध्यस्थों के साथ इस प्रस्ताव पर चर्चा कर रहा है।

ईरान ने जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए अपनी शर्तें रखी हैं। इनमें पूरे क्षेत्र में युद्धविराम, ईरान की जमी हुई संपत्तियों को वापस करना, तेल प्रतिबंध हटाना और अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी खत्म करना शामिल है।

क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ रहा है। 29 अक्टूबर 2026 को सऊदी अरब ने रियाद के पास ईरान समर्थित हूती बलों द्वारा दागी गई दो बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने की खबर दी।

दूसरी ओर, राष्ट्रपति ट्रंप 3 नवंबर के मध्यावधि चुनावों के बाद ईरान के खिलाफ और सैन्य कार्रवाई करने पर विचार कर रहे हैं। इस संभावना पर सीनेटर क्रिस मर्फी ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए ऐसी योजनाओं को 'पागलपन' करार दिया है।

उपराष्ट्रपति वेंस ने इससे पहले सितंबर 2026 में कहा था कि यह स्थिति 'युद्ध नहीं' है और उनका मुख्य ध्यान व्यावसायिक तेल शिपिंग में बाधा को रोकने पर है। अक्टूबर 2026 में उन्होंने यह भी कहा कि अगर तेहरान यूरेनियम संवर्धन क्षमता को कम करने के ठोस प्रस्ताव देता है, तो वॉशिंगटन समझौते के लिए तैयार है।

अमेरिकी अधिकारियों ने क्षेत्रीय सहयोगियों को चेतावनी दी है कि वे आने वाले हफ्तों में संभावित नई सैन्य कार्रवाइयों और ईरान की जवाबी कार्रवाई के लिए तैयार रहें।

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