अमेरिका ने साफ किया, ईरान युद्ध को खत्म करना और जहाजों पर गोलीबारी रोकना अब ईरान के हाथ में है.

अमेरिका के उप राष्ट्रपति जेडी वेंस ने वैश्विक राजनीति में चल रहे तनाव के बीच एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि ईरान के साथ चल रहे मौजूदा संघर्ष को पूरी तरह से समाप्त करना अब पूरी तरह से ईरान देश पर ही निर्भर करता है। अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हवाई हमलों से शुरू हुए इस विवाद को लेकर अभी तक कोई भी निश्चित समय-सीमा तय नहीं की गई है कि यह कब तक पूरी तरह से खत्म होगा। इस मुद्दे पर व्हाइट हाउस में एक विशेष कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए अमेरिकी प्रशासन ने अपनी स्थिति बिलकुल साफ कर दी है और कहा है कि जब तक ईरान अपनी हरकतों से बाज नहीं आता तब तक कोई बातचीत संभव नहीं है।
ईरान के साथ बातचीत पर अमेरिकी रुख
व्हाइट हाउस में पत्रकारों को संबोधित करते हुए जेडी वेंस ने बताया कि इस समय अमेरिकी अधिकारियों और ईरानियों के बीच किसी भी प्रकार की कोई सीधी बातचीत नहीं चल रही है। उन्होंने देश के राष्ट्रपति के कड़े रुख को दोहराते हुए कहा कि अमेरिका तब तक ईरान से किसी भी तरह की चर्चा की शुरुआत नहीं करेगा जब तक वे लोग अंतरराष्ट्रीय कमर्शियल जहाजों पर गोलीबारी करना पूरी तरह से बंद नहीं कर देते। जब पत्रकारों ने उनसे यह सवाल पूछा कि क्या यह संघर्ष आगामी 3 नवंबर को होने वाले चुनाव से पहले समाप्त हो जाएगा, तो उन्होंने सीधा जवाब देने से इनकार कर दिया। उनका कहना था कि यह सवाल कुछ ऐसा है जैसे यह पूछना कि ईरानी कब जहाजों पर हमले बंद करेंगे और इस बात का जवाब केवल ईरानी सरकार के पास ही है।
युद्ध की स्थिति और गैस की कीमतों पर बयान
मौजूदा हालात पर चर्चा करते हुए अमेरिकी उप राष्ट्रपति ने कहा कि इस टकराव को तकनीकी रूप से युद्ध नहीं कहा जाना चाहिए क्योंकि इसकी सक्रिय लड़ाई महीनों पहले ही थम चुकी है। इसके अलावा, जब उनसे आम जनता को प्रभावित करने वाली गैस की कीमतों को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने किसी भी प्रकार का झूठा वादा करने से मना कर दिया। उन्होंने यह साफ कर दिया कि वह यह निश्चित तारीख नहीं बता सकते कि कीमतें कब सस्ती होंगी। हालांकि, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस पूरी नीति का मुख्य उद्देश्य केवल यह सुनिश्चित करना है कि ईरान के पास कभी भी परमाणु हथियार हासिल करने का मौका न मिल सके। व्हाइट हाउस के ब्रीफिंग रूम में लगभग एक घंटे तक चले इस सत्र में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय विवाद से लेकर अपने व्यक्तिगत स्वास्थ्य और वजन तक हर सवाल का खुलकर जवाब दिया। इस प्रेस वार्ता का आयोजन ऐसे समय में किया गया जब इस ब्रीफिंग रूम का इस्तेमाल प्रशासन द्वारा पिछले 42 दिनों से नहीं किया गया था।