अमेरिका ने चीन को ठहराया ईरान से जुड़े शिपिंग संकट का जिम्मेदार, स्ट्रेट ऑफ होरमुज में तनाव जारी.

अमेरिका के उपराष्ट्रपति JD Vance ने गुरुवार, 3 सितंबर 2026 को एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय जहाजों पर हो रहे हमलों के लिए ईरान से ज्यादा चीन जिम्मेदार है। उनका कहना है कि चीन किसी भी अंतरराष्ट्रीय विवाद को सुलझाने के लिए कमर्शियल जहाजों पर गोलीबारी नहीं करता है। उन्होंने साफ कर दिया है कि जब तक तेहरान स्ट्रेट ऑफ होरमुज में हमले बंद नहीं करता, तब तक अमेरिका उससे कोई बातचीत नहीं करेगा। अमेरिका के पास सैन्य और आर्थिक दबाव बनाने के सभी विकल्प खुले हुए हैं।
शिपिंग हमलों से बढ़े पेट्रोल और डीजल के दाम
समुद्र में हो रहे इन हमलों की वजह से पेट्रोल और डीजल के दाम काफी बढ़ गए हैं। हालांकि हाल ही में तनाव काफी बढ़ गया है, लेकिन उपराष्ट्रपति ने इसे युद्ध मानने से इनकार कर दिया और कहा कि अभी बड़े स्तर पर कोई सैन्य कार्रवाई नहीं चल रही है। उन्होंने ईरान के सरकारी मीडिया की उन खबरों पर भी शक जताया जिसमें अमेरिकी हमले में एक शादी समारोह को नुकसान पहुंचने का दावा किया गया था।
व्हाइट हाउस और अमेरिकी सेना की कार्रवाई
व्हाइट हाउस की प्रवक्ता Anna Kelly ने पुष्टि की है कि स्ट्रेट ऑफ होरमुज को खोल दिया गया है और सभी बारूदी सुरंगों को हटा दिया गया है। इसके बावजूद ईरान के खिलाफ Operation Economic Outcast और नौसेना की नाकाबंदी अभी भी जारी है। अमेरिकी सेना ने 1 सितंबर को इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के ठिकानों पर हमले किए। इन हमलों में एयर डिफेंस सिस्टम, रडार और समुद्री जहाजों को निशाना बनाया गया। इसके जवाब में ईरान ने बहरीन, कुवैत, जॉर्डन और इराक में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए। कुवैत और बहरीन ने गुरुवार को इन हमलों को हवा में ही नाकाम करने की जानकारी दी।
समुद्री रास्तों पर गंभीर खतरा और आर्थिक असर
स्ट्रेट ऑफ होरमुज में जहाजों की आवाजाही बहुत कम हो गई है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने बुधवार को बताया कि बारूदी सुरंग से टकराने के बाद दो तेल के टैंकरों में आग लग गई। सऊदी अरब की कंपनी बहरी (Bahri) ने पुष्टि की कि 1 सितंबर को उसके टैंकर SIDR पर हुए हमले में दो फिलिपिनो नाविकों की मौत हो गई। इस शिपिंग संकट की वजह से अब तक 70 से ज्यादा दावों के तहत 2 अरब डॉलर से ज्यादा का बीमा नुकसान दर्ज किया गया है। सऊदी अरब को अपने कच्चे तेल का एक बड़ा हिस्सा मिस्र की पाइपलाइन के जरिए भेजना पड़ रहा है, जो प्रतिदिन 1.9 मिलियन बैरल है। चीन को जाने वाला ईरानी कच्चा तेल मार्च-अप्रैल के 1.85 मिलियन बैरल प्रतिदिन से घटकर अगस्त में मात्र 240,000 बैरल प्रतिदिन रह गया है। मिस्र की यात्रा पर गए चीन के राष्ट्रपति Xi Jinping ने समुद्री रास्तों को सुरक्षित रखने और बाहरी दखल से बचने के लिए क्षेत्रीय सहयोग की अपील की है।