Saudi Defense Deal: अमेरिका का बड़ा ऐलान, सऊदी अरब के साथ डिफेंस समझौते को पूरा करने पर मुहर

Praggya Singh sabal22 September 20262 min read1 viewSaudi
Saudi Defense Deal: अमेरिका का बड़ा ऐलान, सऊदी अरब के साथ डिफेंस समझौते को पूरा करने पर मुहर

अमेरिका और सऊदी अरब के बीच रक्षा समझौतों को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। अमेरिका के विदेश मंत्री Marco Rubio ने 22 सितंबर 2026 को यह साफ कर दिया है कि अमेरिका सऊदी अरब के साथ हुए सभी रक्षा समझौतों और अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरी तरह से निभाएगा। इस बड़े बयान के बाद से मध्य पूर्व की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर से दुनिया भर की नजरें टिक गई हैं। अमेरिका का यह कदम ऐसे समय में सामने आया है जब क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर कई तरह की चिंताएं लगातार बनी हुई हैं।

क्षेत्रीय तनाव और सुरक्षा की स्थिति

इन दिनों खाड़ी देशों में सुरक्षा की स्थिति काफी संवेदनशील बनी हुई है। यमन की तरफ से हूती विद्रोहियों के लगातार हमले और ईरान के साथ बढ़ते तनाव ने क्षेत्रीय शांति के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। इन तमाम गंभीर मामलों पर जी-7 देशों के विदेश मंत्रियों ने भी अपनी बात रखी है और हूती विद्रोहियों से तुरंत इन हमलों को रोकने की अपील की है। क्षेत्रीय स्थिरता को बनाए रखने के लिए अमेरिका और उसके सहयोगी देश लगातार मिलकर काम कर रहे हैं, ताकि किसी भी बड़ी अनहोनी को समय रहते रोका जा सके।

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हथियारों की बड़ी डील और कांग्रेस की समीक्षा

इस बीच अमेरिकी विदेश विभाग ने 17 सितंबर 2026 को सऊदी अरब के लिए $24.3 billion यानी करीब 24 अरब डॉलर से ज्यादा की संभावित विदेशी सैन्य बिक्री को हरी झंडी दिखाई है। इस रक्षा समझौते में 48 लॉकहीड मार्टिन एफ-35 लाइटनिंग द्वितीय फाइटर जेट, 49 प्रैट एंड ह्विटनी एफ135 इंजन और जरूरी साजो-सामान व लॉजिस्टिक सपोर्ट शामिल है। यह पूरा रक्षा सौदा नवंबर 2025 के रणनीतिक डिफेंस पैक्ट का एक अहम हिस्सा है। वर्तमान में यह डील अमेरिकी कांग्रेस की 30-दिवसीय समीक्षा प्रक्रिया से गुजर रही है। रक्षा कंपनी लॉकहीड मार्टिन का कहना है कि यह डील सऊदी अरब के Vision 2030 के तहत दीर्घकालिक सुरक्षा सहयोग को और ज्यादा मजबूत करती है।

परमाणु समझौते पर उठा विवाद

एक तरफ जहां हथियारों की डील आगे बढ़ रही है, वहीं जुलाई 2026 के सिविल न्यूक्लियर कोऑपरेशन समझौते को लेकर अमेरिकी प्रशासन को घरेलू स्तर पर तीखे विरोध का सामना करना पड़ रहा है। अमेरिकी संसद में डेमोक्रेटिक पार्टी के नेताओं ने इस पर चिंता जताई है। प्रतिनिधि सभा के कई सदस्यों ने इस समझौते को रोकने के लिए एक संयुक्त प्रस्ताव पेश किया है, जिसमें अप्रसार मानकों को लेकर सवाल उठाए गए हैं। सीनेटर Edward J. Markey ने भी इस डील को खतरनाक और गैर-जिम्मेदाराना करार दिया है। इस विरोध से जुड़ी अधिक जानकारी आप Senator Edward J. Markey Official Website पर देख सकते हैं। इसके अलावा हाउस के प्रतिनिधियों के दस्तावेज़ों की पूरी जानकारी Representative Don Beyer Official Source पर उपलब्ध है। इन तमाम राजनीतिक विरोधों के बावजूद अमेरिका मध्यस्थता के प्रयासों में जुटा हुआ है, जिसमें उपराष्ट्रपति JD Vance की भूमिका और क्षेत्रीय खतरों से निपटने में यूनाइटेड किंगडम का समर्थन भी शामिल है।

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