अमेरिका बना दुनिया का सबसे बड़ा तेल उत्पादक, ट्रंप ने वेनेजुएला के साथ किया बड़ा ऊर्जा सौदा.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दुनिया के सामने एक बड़ा दावा पेश किया है जिसमें उन्होंने कहा है कि अमेरिका अब दुनिया का सबसे बड़ा तेल उत्पादक देश बन गया है। इस बात की जानकारी उन्होंने टेक्सास के डलास शहर में आयोजित एक बड़ी रैली के दौरान लोगों को संबोधित करते हुए दी। ट्रंप ने अपने भाषण में बताया कि इस बड़ी उपलब्धि में अभी वेनेजुएला के विशाल तेल भंडार को शामिल तक नहीं किया गया है। तुर्किए की सरकारी समाचार एजेंसी अनाडोलू के मुताबिक ट्रंप ने वेनेजुएला के साथ हुए नए ऊर्जा समझौते की खुलकर तारीफ की और इसे संभावित रूप से अमेरिकी इतिहास का सबसे बड़ा सौदा करार दिया।
वेनेजुएला के साथ नया ऊर्जा समझौता और उसकी शर्तें
रैली को आगे बढ़ाते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि अब अमेरिका ऊर्जा के मामले में दुनिया में सबसे आगे है और इसमें वेनेजुएला का नया भंडार भी जुड़ गया है। ट्रंप ने वेनेजुएला के अनुमानित 65 अरब बैरल प्रमाणित तेल भंडार का विशेष रूप से उल्लेख किया और कहा कि इस नए समझौते से देश की ऊर्जा क्षमता और अधिक मजबूत होगी। व्हाइट हाउस की तरफ से दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार यह पूरा समझौता वेनेजुएला में तेल उत्पादन बढ़ाने और वहां के तेल क्षेत्रों के पुनर्निर्माण से जुड़ी एक बहुत बड़ी योजना का मुख्य हिस्सा है।
इस समझौते के तहत नॉर्थ अमेरिकन ब्लू एनर्जी पार्टनर्स यानी एनएबीईपी अपनी मूल कंपनी में 35 प्रतिशत इक्विटी हिस्सेदारी पेंटागन के ऑफिस ऑफ स्ट्रैटेजिक कैपिटल को पूरी तरह बिना किसी लागत के देगी। इसके अलावा अमेरिकी विदेश विभाग को उत्पादित होने वाले कुल तेल का 20 प्रतिशत हिस्सा सीधे लागत मूल्य पर खरीदने का विशेष अधिकार भी दिया जाएगा। व्हाइट हाउस के मुताबिक एनएबीईपी ने वेनेजुएला के कुल 17 तेल क्षेत्रों के लिए पूरे 100 साल की रियायतें हासिल की हैं। हालांकि दूसरी तरफ वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने इससे पहले इस समझौते को केवल 25 साल का सौदा बताया था।
अवधि को लेकर असमंजस और संभावित कमाई
समझौते की अवधि को लेकर दोनों पक्षों के बयानों में साफ तौर पर अंतर देखने को मिला है जिसके बाद इस सौदे की शर्तों पर कई तरह के सवाल भी खड़े हो रहे हैं। व्हाइट हाउस का यह दावा है कि इस बड़े ऊर्जा समझौते से शुरुआती 25 वर्षों के भीतर रॉयल्टी और टैक्स के रूप में सरकार को लगभग 200 अरब डॉलर की भारी-भरकम आय हो सकती है। अमेरिकी प्रशासन के अनुसार इस मिलने वाली रकम का मुख्य उपयोग वेनेजुएला के पुनर्निर्माण, वहां के आर्थिक विकास और सामाजिक कल्याण से जुड़ी जरूरी परियोजनाओं को पूरा करने में किया जाएगा। ट्रंप प्रशासन इस पूरे समझौते को अमेरिका की ऊर्जा शक्ति को कई गुना बढ़ाने के साथ-साथ वेनेजुएला के तेल संसाधनों को दोबारा पटरी पर लाने की दिशा में एक बेहद महत्वपूर्ण कदम के रूप में पेश कर रहा है।