USS Abraham Lincoln: अमेरिका का विशाल युद्धपोत 286 दिन बाद थाईलैंड पहुंचा, 5000 नौसैनिक करेंगे आराम.

Aanya2 September 20262 min read35 viewsWorld
USS Abraham Lincoln: अमेरिका का विशाल युद्धपोत 286 दिन बाद थाईलैंड पहुंचा, 5000 नौसैनिक करेंगे आराम.

अमेरिका का प्रसिद्ध युद्धपोत USS Abraham Lincoln अपने रिकॉर्ड 286 दिन लंबे अभियान के बाद बुधवार, 2 सितंबर 2026 को थाईलैंड के लैम चाबांग बंदरगाह पर पहुंच गया है। इस विमानवाहक पोत पर लगभग 5,000 अमेरिकी नाविक और मरीन सवार हैं, जो पिछले कई महीनों से ईरान के खिलाफ चल रहे अमेरिकी सैन्य अभियानों का हिस्सा रहे थे। इस लंबी तैनाती के दौरान चालक दल को काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ा था, जिसके बाद अब उन्हें यह विश्राम का अवसर मिला है।

विभिन्न बंदरगाहों पर रुके अन्य अमेरिकी जहाज

इस स्ट्राइक समूह के अन्य महत्वपूर्ण जहाज भी थाईलैंड के अलग-अलग हिस्सों में डॉक किए गए हैं। इनमें विध्वंसक जहाज USS Frank E. Petersen Jr. को श्रीराचा में और गाइडेड-मिसाइल क्रूजर USS Robert Smalls को माप ता पुट में खड़ा किया गया है। अमेरिकी नौसेना के अधिकारियों के अनुसार, यह पोर्ट कॉल केवल सैन्यकर्मियों को तरोताजा होने और रसद जुटाने का एक साधन है।

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थाई रक्षा मंत्रालय और अधिकारियों के बयान

थाई रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता रियर एडमिरल सुरसंत कोंग्सिरी ने स्पष्ट किया कि अमेरिकी सैनिकों का यह दौरा पूरी तरह से चालक दल की रिकवरी और लॉजिस्टिक्स के लिए है। रॉयल थाई नौसेना के साथ इस दौरान किसी भी प्रकार के संयुक्त सैन्य अभ्यास की कोई योजना नहीं बनाई गई है। यह यात्रा आधिकारिक तौर पर 6 सितंबर 2026 को समाप्त हो जाएगी, जिसके बाद सभी सैनिक अपने गंतव्य के लिए रवाना हो जाएंगे।

पटाया शहर में सुरक्षा और स्थानीय अर्थव्यवस्था

पटाया के मेयर पोरमासे न्गाम्पिचेस का मानना है कि इतने बड़े पैमाने पर अमेरिकी सैनिकों के आने से स्थानीय कारोबार को एक अच्छा आर्थिक प्रोत्साहन मिलेगा। हालांकि, सुरक्षा व्यवस्था को लेकर स्थानीय प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। पटाया सिटी के पुलिस प्रमुख अनेक स्राथोंगयू ने जानकारी दी कि शहर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और नाविकों को एक बार में 50 के समूहों में ही बाहर आने की अनुमति दी जा रही है।

सख्त नियम और प्रतिबंध

थाईलैंड प्रशासन ने visiting सैन्यकर्मियों के लिए कुछ कड़े नियम तय किए हैं। इसके तहत जेट-स्की चलाने और भांग (cannabis) के सेवन पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके अलावा कुछ विशेष रेड-लाइट क्षेत्रों में उनके जाने पर भी रोक लगाई गई है। मेयर ने चेतावनी दी है कि यदि कोई भी अमेरिकी सैनिक स्थानीय कानून का उल्लंघन करता पाया गया, तो उस पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सैनिकों की सुरक्षित आवाजाही के लिए बंदरगाह और शहर के बीच विशेष बसों का इंतजाम किया गया है।

लंबे अभियान के दौरान सामने आईं मुश्किलें

यह 286 दिन का लंबा सफर चालक दल के लिए आसान नहीं रहा। इस दौरान जहाज पर मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं, कुछ आत्महत्या के मामले और जरूरी सामान की कमी जैसी खबरें भी सामने आई थीं। इन तमाम परेशानियों को देखते हुए यह विराम सैनिकों के लिए बेहद जरूरी माना जा रहा है। स्थानीय दुकानदारों और व्यवसायियों ने भी अमेरिकी नौसैनिकों के स्वागत के लिए अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं और वे सांस्कृतिक पर्यटन पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।

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