Saudi Arabia में फंसे उत्तराखंड के ट्रक ड्राइवर, आठ साल से नहीं लौट पाए वतन.

उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल के रहने वाले एक ट्रक ड्राइवर पिछले आठ साल से सऊदी अरब में बुरी तरह फंसे हुए हैं और तमाम कोशिशों के बाद भी अपने घर वापस नहीं लौट पा रहे हैं। इस मामले में अब देश के विदेश मंत्रालय ने संज्ञान लिया है और लगातार वहां के स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में बना हुआ है ताकि इस मुसीबत में फंसे भारतीय नागरिक को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। विदेश मंत्रालय की तरफ से दी गई जानकारी के अनुसार भारतीय राजनयिक वहां के प्रशासन से लगातार बातचीत कर रहे हैं ताकि इस मामले का कोई समाधान निकल सके और पीड़ित व्यक्ति को राहत मिल सके।
क्या है पूरा मामला और क्यों फंसे हैं ड्राइवर
उत्तराखंड के जौनपुर ब्लॉक के गौड़साड़ा गांव के रहने वाले Indramani Nautiyal साल 2018 में सऊदी अरब की राजधानी रियाद गए थे। वहां उन्होंने Pick Roads and Contracting Company नाम की कंपनी में बतौर ट्रक ड्राइवर नौकरी शुरू की थी। वह अपनी आजीविका चलाने के लिए विदेश गए थे लेकिन एक सड़क हादसे ने उनकी जिंदगी को पूरी तरह बदल कर रख दिया। साल 2018 में उनकी कंपनी के ट्रक से एक सड़क दुर्घटना हो गई थी जिसके बाद वहां की अदालत या प्रशासन ने कंपनी पर भारी-भरकम जुर्माना लगा दिया। कंपनी पर लगभग 2.29 करोड़ रुपये का कॉर्पोरेट जुर्माना लगाया गया है और इसी बकाए जुर्माने की वजह से इंद्रमणि नौटियाल को भी देश छोड़ने की अनुमति नहीं दी जा रही है। नियम के मुताबिक जब तक यह बकाया राशि या मामला साफ नहीं होता तब तक वह सऊदी अरब से बाहर नहीं जा सकते हैं।
विदेश मंत्रालय और मुख्यमंत्री की कोशिशें
शुक्रवार, 18 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Randhir Jaiswal ने इस बात की पुष्टि की कि भारतीय मिशन वहां के स्थानीय अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है। उन्होंने बताया कि अधिकारी इंद्रमणि नौटियाल की भलाई और उनकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं हालांकि उन्होंने यह साफ नहीं किया कि क्या उनके खिलाफ कोई औपचारिक जेल की सजा सुनाई गई है या नहीं। इससे पहले उत्तराखंड के मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने भी इस मामले में हस्तक्षेप किया था। उन्होंने अगस्त के महीने में विदेश मंत्री S. Jaishankar को एक पत्र लिखकर अपील की थी कि इस ड्राइवर को कानूनी और आर्थिक सहायता दी जाए ताकि उनकी सुरक्षित वतन वापसी का रास्ता साफ हो सके।
गल्फ देशों में काम करने वाले भारतीयों की समस्याएं
यह अकेली ऐसी घटना नहीं है बल्कि गल्फ देशों में काम करने वाले कई भारतीय कामगारों को इस तरह की कानूनी और वित्तीय मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। खाड़ी देशों में कई बार कंपनियों पर लगने वाले बकाए जुर्माने या कर्ज की वजह से वहां काम करने वाले आम कर्मचारियों को भी देश छोड़ने पर रोक लगा दी जाती है। ऐसे कई और मामले भी सामने आए हैं जिनमें भारतीय नागरिक अलग-अलग वजहों से फंसे हुए हैं। हैदराबाद के रहने वाले Mohammed Afroz लगभग दो साल से जेद्दा के अल-शुमाइसी डिटेंशन सेंटर में रखे गए हैं जो साल 2014 में वहां गए थे। इसके अलावा मैसूर के रहने वाले Salman Fariz भी दुबई में एक लेबर विवाद के बाद से जेल में बंद बताए जा रहे हैं। इन तमाम घटनाओं से गल्फ में रहने वाले और वहां जाने की प्लानिंग करने वाले आम प्रवासियों के परिवारों में हमेशा चिंता बनी रहती है।
सऊदी अरब और अन्य गल्फ देशों में नौकरी करने जाने वाले लोगों को इन नियमों की वजह से कई बार भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। छोटी-छोटी बातों या कंपनी के मामलों में फंसकर प्रवासियों के साल-साल भर बर्बाद हो जाते हैं। फिलहाल इंद्रमणि नौटियाल के परिवार को सरकार से उम्मीद है कि कूटनीतिक बातचीत के जरिए जल्द ही कोई सकारात्मक परिणाम सामने आएगा और उनका बेटा या पति आठ साल का लंबा समय काटने के बाद अपने घर वापस लौट सकेगा।