तइज़ के अल-माफिर इलाके में हूती विद्रोहियों के हथियारों के डिपो पर लड़ाकू विमानों ने किए हमले
सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के विमानों ने तइज़ के अल-माफिर में हूती हथियारों के डिपो को निशाना बनाया। क्षेत्र में संघर्ष और तनाव बढ़ गया है।

तइज़ (यमन): सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के लड़ाकू विमानों ने तइज़ के दक्षिण में स्थित अल-माफिर जिले में हूती विद्रोहियों के हथियारों के भंडारण केंद्रों को निशाना बनाया है। यह सैन्य कार्रवाई उस समय हुई है जब पूरे तइज़ प्रांत में सैन्य गतिविधियां और हवाई हमले तेज हो गए हैं।
यमन सरकार की सेना और सऊदी गठबंधन इस क्षेत्र में हूती प्रभाव को खत्म करने के लिए लगातार अभियान चला रहे हैं। अक्टूबर के अंत में तइज़ में संघर्ष काफी बढ़ गया है। इससे पहले 22 अक्टूबर को यमनी सेना ने पश्चिमी, दक्षिणी और पूर्वी तइज़ में हूती मिसाइल लॉन्चर, रडार सिस्टम और सैन्य संचार केंद्रों पर हमले किए थे।
इस इलाके की रणनीतिक अहमियत बहुत ज्यादा है। एक तरफ गठबंधन के हमले जारी हैं, वहीं दूसरी तरफ हूती बलों ने तइज़ शहर की निगरानी करने वाले जबल सब्र पहाड़ की ओर बढ़ने की कोशिश की है।
इस युद्ध के बीच मानवीय हालात बदतर होते जा रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि तइज़ के 8 लाख से ज्यादा लोग अभी भी जरूरी मदद से कटे हुए हैं।
हिंसा में आम नागरिक भी मारे जा रहे हैं। 23 अक्टूबर को तइज़ और हज्जा में हुए अलग-अलग हमलों में करीब 30 नागरिकों की जान गई। हूती बलों की गोलाबारी से मशरा वा हदनन जिले में एक मस्जिद और स्कूल सहित कई नागरिक बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है।
गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने यमनी सरकार का समर्थन करने और क्षेत्र की सुरक्षा बनाए रखने की प्रतिबद्धता जताई है। गठबंधन का कहना है कि राज्य की संप्रभुता बनाए रखने और सरकारी नियंत्रण बहाल करने के लिए ये सैन्य कार्रवाई जरूरी है। दूसरी ओर, हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारे ने सऊदी अरब के भीतर लक्ष्यों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई का दावा किया है।