यमन के अल-वाज़ियाह में हूती ठिकानों पर भीषण हवाई हमले, भारी तबाही

यमन के ताइज़ प्रांत के अल-वाज़ियाह जिले में तनाव चरम पर है। यहाँ हूती मिलिशिया के ठिकानों, किलाबंदी और सैन्य कुमुक (reinforcements) को निशाना बनाकर युद्धक विमानों द्वारा भीषण हवाई हमले किए गए हैं। ये हमले क्षेत्र में जारी सैन्य अभियानों का हिस्सा हैं, जिसका उद्देश्य हूती विद्रोहियों की पकड़ को कमजोर करना है।
सैन्य सूत्रों के अनुसार, ये हमले 8 अक्टूबर 2026 को किए गए। इससे ठीक पहले, 7 अक्टूबर को यमनी सरकारी बलों, जिनमें ताइज़ मिलिट्री एक्सिस, शील्ड ऑफ द नेशन ब्रिगेड और 35वीं आर्मर्ड ब्रिगेड शामिल थे, ने अल-वाज़ियाह में महत्वपूर्ण रणनीतिक जीत हासिल की थी। इन बलों ने इलाके की कई महत्वपूर्ण पहाड़ियों पर कब्जा कर लिया था।
रणनीतिक ठिकानों पर प्रहार और हूतियों का नुकसान
ताइज़ में यमनी सैन्य कमान ने पुष्टि की है कि इन समन्वित हवाई हमलों के परिणामस्वरूप हूती बलों को भारी जनहानि हुई है। सैन्य अभियानों के दौरान जबल धी आहदा, अल-बज़िला, वादी अल-मक़ाम, अल-शुकाइरा, जबल अल-साइबारा और खिता गाँव जैसे संवेदनशील स्थानों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया।
यह पहली बार नहीं है जब हूतियों की रसद आपूर्ति को निशाना बनाया गया है। इससे पहले 2 अक्टूबर को भी यमनी सशस्त्र बलों के प्रवक्ता ने बताया था कि वायुसेना ने उन वाहनों को सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया था, जो हूती लड़ाकों के लिए हथियार और जरूरी सामान ले जा रहे थे।
इस बीच, क्षेत्रीय तनाव और बढ़ गया है। 8 अक्टूबर को हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के रियाद और खामिस मुशैत की ओर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। हालांकि, सऊदी रक्षा प्रणालियों ने इन मिसाइलों को हवा में ही रोक लिया, लेकिन गिरते हुए मलबे के कारण रियाद में एक मेडिकल सेंटर और एक किंडरगार्टन को नुकसान पहुँचा है।