WCL सीजन 3: भारत-पाकिस्तान विवाद के बीच भी सफल रहा क्रिकेट का रोमांच

वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लेजेंड्स (WCL) सीजन 3 में पाकिस्तान की टीम शामिल नहीं हुई, लेकिन शारजाह में क्रिकेट का रोमांच जारी रहा।

Pankhuri Motani30 October 20262 min read0 viewsUAE
WCL सीजन 3: भारत-पाकिस्तान विवाद के बीच भी सफल रहा क्रिकेट का रोमांच

शारजाह (यूएई): वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लेजेंड्स (WCL) का तीसरा सीजन युवराज सिंह की विस्फोटक बल्लेबाजी और एबी डी विलेयर्स के शानदार शतक जैसे यादगार पलों का गवाह बना। वेस्टइंडीज चैंपियंस ने इस टूर्नामेंट की ट्रॉफी अपने नाम की, लेकिन इस सफलता के पीछे अनिश्चितता और विवादों का एक लंबा दौर था।

टूर्नामेंट के आयोजन को लेकर सबसे बड़ा सवाल पाकिस्तान चैंपियंस की भागीदारी को लेकर था। 2 अक्टूबर 2026 को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान WCL के संस्थापक और सीईओ हर्षित तोमर इस विवाद के केंद्र में रहे। इस मौके पर विवेक ओबेरॉय, अंकुर अग्रवाल, हरभजन सिंह और उस्मान ख्वाजा जैसे दिग्गज मौजूद थे।

पाकिस्तान चैंपियंस की भागीदारी पर पूछे गए सवालों के जवाब में हर्षित तोमर ने उम्मीद जताई थी कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) समेत संबंधित अधिकारियों के साथ बातचीत से सकारात्मक समाधान निकलेगा। तोमर ने प्रेस रिलीज के मुताबिक कहा कि वे सही अधिकारियों से बात कर रहे हैं और चाहते हैं कि प्रशंसकों को उनके बचपन के नायकों को एक साथ खेलते देखने का मौका मिले।

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हालांकि, प्रबंधन की यह उम्मीद हकीकत में नहीं बदल सकी और पाकिस्तान चैंपियंस सीजन 3 का हिस्सा नहीं बन पाए। पहले दो सीजन ब्रिटेन में सफलतापूर्वक आयोजित होने के बाद तीसरे सीजन को यूएई में लाया गया था, जहां शुरुआत में दुबई और शारजाह को मेजबानी के लिए चुना गया था।

मैनेजमेंट ने काफी समय तक पाकिस्तान चैंपियंस का प्रचार अन्य देशों के साथ जारी रखा, जिससे यह संकेत मिला कि उन्हें जरूरी अनुमतियां मिलने का भरोसा था। PCB और WCL प्रबंधन के बीच बातचीत और कुछ शर्तों को लेकर चर्चाएं भी हुईं, लेकिन उनकी सटीक जानकारी सामने नहीं आई।

भारत-पाकिस्तान मुकाबलों से मिलने वाले भारी आकर्षण के बिना टूर्नामेंट का आयोजन करना आयोजकों के लिए एक बड़ी चुनौती थी। इसके बावजूद, अमीरात क्रिकेट बोर्ड की अनुमति से WCL सीजन 3 को आगे बढ़ाने का फैसला किया गया।

शुरुआत में दुबई और शारजाह दोनों जगह मैच होने थे, लेकिन बाद में पूरे टूर्नामेंट को केवल शारजाह में समेट दिया गया। इससे आयोजकों पर परिचालन का दबाव बढ़ा, लेकिन उन्होंने संशोधित व्यवस्था के साथ प्रतियोगिता को पूरा किया।

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