पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच 22 भारतीय नागरिकों की मौत की पुष्टि विदेश मंत्रालय ने की
विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की कि पश्चिम एशिया के तनाव में 22 भारतीय मारे गए, जिनमें 14 नाविक शामिल हैं।

नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण 22 भारतीय नागरिकों की जान चली गई है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 को इन मौतों की पुष्टि की। प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि मरने वालों में 14 नाविक शामिल हैं। यह तनाव 28 फरवरी 2026 से लगातार बढ़ रहा है।
सऊदी अरब में हूती विद्रोहियों द्वारा हवाई अड्डों, तेल पाइपलाइनों और नागरिक बुनियादी ढांचे पर मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद तीन भारतीयों की मौत हुई। वहीं, हैदराबाद का एक आईटी प्रोफेशनल भी सऊदी अरब में उमराह की यात्रा के दौरान मारा गया।
समुद्र में हुए हमलों में भारी नुकसान हुआ है। 1 मार्च 2026 को स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में मार्शल आइलैंड्स के टैंकर MKD व्योम पर हुए हमले में पहले भारतीय नाविक की मौत दर्ज की गई। उसी दिन ओमान के मुसन्दम प्रायद्वीप के पास पलाऊ ध्वज वाले जहाज स्काईलाइट पर हमले में दो और नाविक मारे गए।
9 जून 2026 को ओमान तट के पास अमेरिकी हमले में पलाऊ ध्वज वाले MT सेट्टिबेल्लो के तीन चालक दल सदस्य मारे गए। इनमें कैडेट आदित्य शर्मा, फिटर शिवनंद चौरसिया और चीफ इंजीनियर पटनाला सुरेश शामिल थे। जुलाई 2026 में ओमान के जलक्षेत्र में संयुक्त अरब अमीरात के टैंकर मोम्बासा और अल बहिया पर ईरानी मिसाइल हमलों के बाद एक और नाविक की जान गई।
भारत सरकार ने अब तक 3,200 से अधिक नाविकों को वापस लाया है। जेद्दा और मक्का में 24 घंटे काम करने वाले कंट्रोल रूम बनाए गए हैं। फंसे हुए तीर्थयात्रियों को निकालने के लिए दम्माम और रियाद से फ्लाईनास की अतिरिक्त उड़ानें संचालित की गई हैं और सुरक्षा एडवाइजरी जारी की गई है।
इन कोशिशों के बावजूद इस क्षेत्र में 28 टैंकरों पर भारतीय चालक दल अब भी फंसे हुए हैं। इस संघर्ष का असर खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) देशों में रहने वाले करीब 1 करोड़ भारतीयों पर पड़ रहा है, जिनमें यूएई में 35 लाख और सऊदी अरब में 27 लाख भारतीय शामिल हैं।